नगर परिषद और नगर निगम में क्या है अंतर जानिए शहरी स्थानीय निकायों की संरचना।
नगर परिषद मध्यम आकार के शहरों के लिए गठित की जाती है। ये ऐसे शहरी क्षेत्र होते हैं जो नगर पंचायत से आगे बढ़ चुके होते हैं, लेकिन अभी महानगर की श्रेणी में नहीं आते।
मुख्य रूप से जनसंख्या: सामान्यतः 40,000 से 1 लाख (राज्य के नियमों पर निर्भर) क्षेत्र: छोटे से मध्यम विकसित शहर प्रशासनिक प्रमुख: अध्यक्ष (Chairperson) / नगर परिषद अध्यक्ष, कार्य शैली:जल आपूर्ति,स्वच्छता एवं सफाई,
सड़कों और नालियों का रखरखाव,ट्रेड लाइसेंस, भवन अनुमति,बाजार और प्रकाश व्यवस्था,नगर परिषद का उद्देश्य शहर के नियोजित विकास और मूलभूत नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना होता है।
🔹 नगर निगम (Municipal Corporation)
नगर निगम बड़े और अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिए गठित किया जाता है। यह शहरी प्रशासन की सबसे उच्च इकाई मानी जाती है।मुख्य विशेषताएँ:जनसंख्या: 10 लाख या उससे अधिक।क्षेत्र: बड़े शहर / महानगर,प्रशासनिक संरचना:महापौर (Mayor) – राजनीतिक प्रमुख
नगर आयुक्त (Commissioner) – प्रशासनिक प्रमुख
कार्य:शहरी नियोजन और विकास,ठोस कचरा प्रबंधन
जल आपूर्ति और सीवरेज,अग्निशमन सेवाएँ, जन्म-मृत्यु पंजीकरण,स्मार्ट सिटी व ई-गवर्नेंस सेवा ,आदि शामिल हैं।


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