आगामी बकरीद पर्व को लेकर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में जिलास्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न.
चांडिल,पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं एवं यातायात व्यवस्था के प्रभावी संचालन हेतु संबंधित विभागों को दिए गए आवश्यक निर्देश...*
अफवाह फैलाने वालों, बाइक स्टंट एवं प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, आमजन से शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने की अपील।ए
आगामी बकरीद पर्व को लेकर जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी की संयुक्त अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिलास्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार समेत अन्य वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अनुमंडल एवं थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक आयोजित कर स्थानीय स्तर पर विधि-व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली आपूर्ति एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय पूर्व पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी अलर्ट एवं सक्रिय मोड में कार्य करेंगे।
उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, अग्निशमन सेवा, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निकायों के पदाधिकारियों को पूर्ण सतर्कता बरतने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। नगर निकायों को कुर्बानी के अवशेषों का समुचित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा नियमित साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही निर्बाध पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने निर्देश दिया कि सदर अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एक्टिव मोड में रखा जाए तथा चिकित्सकीय दल 24×7 कार्यरत रहें। सभी एंबुलेंस एवं अग्निशमन वाहनों को ‘रेडी टू मूव’ स्थिति में रखने का निर्देश भी दिया गया। इसके अतिरिक्त जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड पशुपालन पदाधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर सक्रिय रूप से कार्य करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने पर्व के दौरान युवाओं द्वारा बाइक रेसिंग, स्टंट एवं तेज गति से वाहन परिचालन की संभावनाओं को देखते हुए विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है तथा आमजन में भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न होता है। इसे ध्यान में रखते हुए विशेष गश्ती दल का गठन कर विभिन्न स्थानों पर सघन वाहन जांच अभियान चलाते हुए यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा के दौरान संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विधि-व्यवस्था एवं यातायात परिचालन की दृष्टि से चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर आवश्यकता अनुसार सीसीटीवी कैमरे एवं ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाए। साथ ही पर्व के दौरान धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाए तथा मंदिर, मस्जिद, चर्च एवं अन्य धार्मिक स्थलों के समीप अनावश्यक भीड़ एकत्रित नहीं होने देने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि किसी भी धर्म, समुदाय अथवा वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले गाना-बजाना, भड़काऊ गतिविधि अथवा आपत्तिजनक प्रचार-प्रसार की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी संबंधित पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं विधि-व्यवस्था के अनुरूप संपन्न हो।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी ने कहा कि कुछ परिवार निर्धारित तिथि के अतिरिक्त अन्य दिनों में भी बकरीद पर्व मनाते हैं एवं कुर्बानी देते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक तैयारी व्यापक एवं संवेदनशील होनी चाहिए, ताकि किसी भी समुदाय को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को प्रो-एक्टिव मोड में कार्य करने तथा विधि-व्यवस्था से संबंधित किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि कहीं भी प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं हो, इसके लिए कार्ययोजना बनाकर सघन जांच एवं नियमित गश्ती अभियान संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि कुर्बानी के पश्चात पशु अवशिष्टों का समुचित एवं सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा इसके लिए आवश्यकतानुसार गड्ढा खोदकर वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से अवशिष्टों का निष्पादन किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार से सामाजिक सौहार्द, स्वच्छता व्यवस्था एवं विधि-व्यवस्था प्रभावित न हो।
उन्होंने निर्देश दिया कि पशु अवशिष्टों को सार्वजनिक स्थलों अथवा खुले स्थानों पर नहीं छोड़ा जाए तथा ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने अथवा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। धार्मिक रूप से संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा असामाजिक एवं सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर निरंतर निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को नियमित फ्लैग मार्च करने तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) एवं अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को मॉक ड्रिल आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्था का आकलन एवं समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पर्व के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। आमजन से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह की जानकारी तत्काल संबंधित थाना अथवा प्रशासन को दें। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी समुदायों से आपसी सौहार्द, शांति एवं भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। साथ ही आमजन से जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने, किसी भी धर्म अथवा समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाली गतिविधियों से दूर रहने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।

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