सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन गंभीर











चांडिल,उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न।
ब्लैक स्पॉट सुधार, अवैध पार्किंग नियंत्रण, यातायात अनुशासन सुदृढ़ीकरण एवं सड़क सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन हेतु संबंधित विभागों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश।
सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन गंभीर, आमजन से यातायात नियमों के अनुपालन एवं सुरक्षित वाहन परिचालन की अपील.।

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी की संयुक्त अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला श्री अभिनव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), जिला परिवहन पदाधिकारी श्री गिरिजा शंकर महतो, यातायात निरीक्षक, मोटरयान निरीक्षक सहित अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के प्रारंभ में पूर्ववर्ती निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई। इस क्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि माह अप्रैल 2026 में जिले में कुल 20 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 14 व्यक्तियों की मृत्यु तथा 19 व्यक्ति घायल हुए। साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध अभियान चलाते हुए कुल ₹31,94,250/- की जुर्माना राशि वसूल की गई।

समीक्षा क्रम में उपायुक्त द्वारा सभी दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) पर आवश्यक चेतावनी संकेतक (साइनेज बोर्ड), रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर, जिग-जैग बैरिकेडिंग, टर्निंग प्वाइंट संकेतक, ज़ेब्रा क्रॉसिंग एवं स्ट्रीट लाइट की स्थापना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

उपायुक्त ने सभी राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) एवं राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे) पर अनावश्यक एवं अवैध रूप से बनाए गए कटिंग (कट पॉइंट) को पूर्णतः बंद करने का निर्देश दिया। साथ ही ऐसे स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा अवैध रूप से अनावश्यक सड़कों पर कटिंग बनाने में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में राजनगर क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एनएच-220 (NH-220) के कार्यपालक अभियंता को विशेष कार्य योजना तैयार कर सड़क दुर्घटना नियंत्रण हेतु प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सड़क किनारे अतिक्रमण कर संचालित दुकानों को हटाने, चिन्हित स्थलों पर आवश्यक साइनेज बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, स्ट्रीट लाइट एवं अन्य सुरक्षा उपकरण लगाने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सड़क किनारे गड्ढों, पुलिया एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित किए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। इसके अतिरिक्त एनएच-32 एवं एनएच-33 के कार्यपालक अभियंताओं को भी सड़क सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु चिन्हित स्थलों पर आवश्यक साइनेज बोर्ड, रंबल स्ट्रिप एवं स्ट्रीट लाइट लगाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में चौका-खूंटी-बंसा रोड में बने गड्ढों को अविलंब दुरुस्त करने का निर्देश JARDCL को दिया गया। साथ ही निर्माणाधीन सड़कों एवं पुलिया कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने का निर्देश संबंधित कार्यपालक अभियंताओं एवं एजेंसियों को दिया गया।

बैठक के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि चौका, कांड्रा एवं आदित्यपुर क्षेत्र में कई स्थानों पर अवैध रूप से बड़े वाहनों की पार्किंग की जा रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। इस पर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से आवश्यक निरीक्षण अभियान चलाकर अवैध पार्किंग में खड़े वाहनों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

यातायात निरीक्षक द्वारा गम्हरिया-आदित्यपुर क्षेत्र में संध्या समय बाजार एवं यातायात दबाव को देखते हुए बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध (नो एंट्री) लागू करने के प्रस्ताव पर बिंदुवार चर्चा की गई। इस क्रम में पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी द्वारा विशेष कार्य योजना तैयार कर ट्रायल आधार पर व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने कहा कि यातायात परिचालन, पार्किंग व्यवस्था एवं आमजनों के आवागमन पर इसके प्रभाव का आकलन करने हेतु जिला स्तरीय समिति द्वारा विशेष टीम गठित कर परीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा दुर्घटनाओं की संभावना में कमी लाई जा सके। परीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर आगामी बैठक में प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

बैठक में उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित विभागों को नियमित वाहन जांच अभियान चलाने, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट एवं शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही विद्यालयों, बाजार क्षेत्रों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों के समीप विशेष यातायात प्रबंधन व्यवस्था लागू करने तथा आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने हेतु निरंतर जन-जागरूकता अभियान संचालित करने पर बल दिया गया।

बैठक के अंत में उपायुक्त द्वारा सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों का समयबद्ध, प्रभावी एवं समन्वित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके एवं सुरक्षित यातायात वातावरण स्थापित किया जा सके।