मजदूर ने मजदूर दिवस एक मई को शहिद मजदूर प्रति अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।,
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रबार को जिले भर में कार्यक्रम आयोजित हुए। चांडिल स्टेशन स्थित पेट्रोल पंप के पास चांडिल स्लीपर यूनियन संघ द्वारा झंडोत्तोलन कर शहीदों को सलामी दी गई। यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 1 मई के महत्व पर प्रकाश डाला।
*शिकागो के शहीदों को किया याद:..?* इस मौके पर आशुतोष महतो और अनंत कुमार महतो ने कहा कि 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग को लेकर ऐतिहासिक आंदोलन किया था। उस समय पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों का शोषण किया जाता था। 12-14 घंटे काम लिया जाता था और मजदूरी भी बहुत कम दी जाती थी। उसके विरोध में मजदूर सड़कों पर उतरे थे। पुलिस फायरिंग में कई मजदूर शहीद हो गए थे। उन्हीं शहीदों की याद में आज पूरी दुनिया में मई दिवस मनाया जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों ने अपने हक-अधिकार की लड़ाई लड़ी थी। आज भारत वर्ष में भी 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाते हैं। सरकार ने श्रम कानूनों में कई सुधार किए हैं, लेकिन आज भी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, ESI, PF जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
कार्यक्रम में न्यूनतम मजदूरी 26 हजार करने, सभी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने, ठेका प्रथा खत्म करने और 8 घंटे काम सख्ती से लागू करने की मांग की गई।
गम्हरिया, आदित्यपुर, कांड्रा और सरायकेला में भी INTUC, AITUC और CITU एवं SUCI से जुड़े संगठनों ने सभा कर मजदूर एकता का आह्वान किया।
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