दो वर्षों से बंद पड़ी है सिरका बड़तल की जल मिनार, आश्वासनों के भरोसे ग्रामीण।
चांडिल, अनुमंडल के नीमडीह प्रखंड की तिल्ला पंचायत अंतर्गत सिरका बड़़तल रोड साइड गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए स्थापित जल मिनार पिछले लगभग दो वर्षों से बंद पड़ी हुई है। जल मीनार के बंद रहने से गांव के लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जल मीनार बंद होने के कारण उन्हें दूर-दराज के चापाकल एवं अन्य जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में कई बार पंचायत प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया है। स्थानीय मुखिया तथा संबंधित विभाग द्वारा जल्द मरम्मत और जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। लगातार मिल रहे आश्वासनों के बावजूद जलमीनार चालू नहीं हो सकी है।
इस बीच ग्रामीणों ने पंचायत व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुखिया अपने कुछ गिने-चुने समर्थकों एवं लोगों के कार्यों को ही प्राथमिकता देते हैं, जबकि गांव के अन्य लोगों की समस्याओं को लंबे समय से केवल आश्वासन देकर टाल दिया जाता रहा है। उनका कहना है कि जलमिनार की समस्या को लेकर भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है ग्राम सभा कि मीटिंग किया जाये और बंद पड़ी जलमिनार की शीघ्र मरम्मत कर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का दो वर्षों तक बाधित रहना विकास के दावों पर सवाल खड़ा करता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक सिरका बड़तल के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो पाता है। वहीं, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर मुखिया का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।

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