काली मंदिर के समीप कचरे के डंपिंग से एन एच- 33 किनारे सड़ांध से जीव जन्तु वन्यजीवों के अस्तित्व में खतरे की घंटी।

काली मंदिर के समीप कचरे के डंपिंग से एन एच- 33 किनारे सड़ांध से जीव जन्तु वन्यजीवों के अस्तित्व में खतरे की घंटी

चांडिल,: सरायकेला–खरसावां जिले के चांडिल थानाक्षेत्र में पर्यावरण से जुड़ी सवाल,एक गंभीर लापरवाही सामने आई बात है। लोगों को कहना है कि एन एच- 33 टाटा रांची मार्ग पर स्थित चांडिल और जमशेदपुर की सीमा पर फदलो गोड़ा काली मंदिर के पीछे स्थित कलवर्ट के पास वर्षों से कचरा अंम्बार लगा हुआ है फलत राहगीर,वाहन चालक, किनारे बसे लोग को परेशानी होता है।एक ओर स्वच्छ गांव स्वास्थ्य भारत का नारा दिया जाता है।, कचड़े के अम्बार से तेज दुर्गंध फैल रही है। जमशेदपुर मानगो आदि शहरी क्षेत्र से जुड़े हुए लोगों इस क्षेत्र में कचरा को फेंकते रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां सड़े फल, पोल्ट्री कचरा, मांस के अवशेष, प्लास्टिक और मृत जानवर तक खुले में डाले जा रहे हैं। इससे राहगीरों को परेशानी हो रही है और आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है।
चिंता की बात यह है कि यह क्षेत्र दलमा ईको-सेंसिटिव ज़ोन के अंतर्गत आता है, जहां पास के नाले पर अक्सर जंगली हाथी पानी पीने आते हैं। ऐसे में यह कचरा वन्यजीवों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
बताया जा रहा है कि यह स्थान पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसवाँ जिले की सीमा पर पड़ता है, जिससे जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है और कार्रवाई में देरी हो रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर इस संवेदनशील क्षेत्र को कचरा मुक्त बनाने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।


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