चांडिल प्रखण्ड के ग्राम सभा माकूलाकोचा में एक बैठक रखा गया।

चांडिल प्रखण्ड के ग्राम सभा माकूलाकोचा में एक बैठक रखा गया।

चांडिल प्रखण्ड के ग्राम सभा माकूलाकोचा में एक बैठक रखा गया जिस में ग्राम सभा के द्वारा वन विभाग को आरोप लगाया गया कि खतियानी भूमि पर ग्रामीण विकास विभाग से चल रहा तालाब खुदवाने वाला काम को रोका गया बिना सहमति बिना ग्राम सभा सूचना के तहत् ये सीधा सीधी ग्राम सभा पेसा क़ानून 1996एवं वन अधिकार कानून 2006का उल्लंघन हैं।ऊपर से 1908का नक्शा दिखा कर जमीन वाला शंकर सिंह को ठगा जा रहा हैं। सभी जगह 1964सेटलमेंट का नक्शा चल रहा है तो केवल वन विभाग में 1908का नक्शा लागू कहां से लागू हो गया। इस का मतलब 1964सेटेलमेंट नक्शा बेकार हैं।
कोई काम का नहीं हैं। खतियान का भी कोई काम नहीं। खाता 64, प्लॉट संख्या -562, रकवा -0.26डिसमिल हैं। काम चालू करके तीन दिन बीत चुका फिर भी वन विभाग कोई आपत्ति दर्ज नहीं किया अगर वन विभाग के सीमा में पड़ रहा हैं तो। काम पूरा हो जाने के केवल अन्तिम रूप देना बाकि था तब काम रोका गया। इस से साबित होता हैं कि वन विभाग सब जान बुझ कर अंजान बना हैं।ऊपर से ग्राम सभा ने ये भी आरोप लगाया कि भी वन विभाग के द्वारा खुद वन भूमि में तालाब खुदवा रहा हैं एवं रैयत भूमि में भी तालाब खुदवाया गया। जंगल का पेड़ गिरकर, जैव विविधता, पर्यावरण को क्षति पहुंचा कर,वन विभाग को इस का स्पष्टीकरण बैठक भी रखा गया था जिस में वन विभाग अनुपस्थित था ग्राम सभा बैठक में। जिस का काम रोका गया सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति अध्यक्ष भी हैं। इस का ही बदला लेने के भाव से ये काम किया गया।जिस में कोई रोक नहीं किया गया।जब ग्रामीण विकास विभाग से किया जा रहा हैं तो रोका गया इस से साबित होता है दाल में काला हैं।तीन गांव मिला के 12तालाब पास हुआ हैं।दो का काम हुआ और 10का काम बाकि रोक किया गया। ग्राम सभा का मांग है कि जितना दिन JCB का काम बंद हैं क्या उनका गुजारा भत्ता देगा। कुल 04 JCB चैन वाला हैं।जिस में से एक वन विभाग हिरण पार्क में रखा है ।बाकि का काम इस कारण पूरा बंद हैं। साथ ही साथ ग्राम सभा ने यह भी निर्णय लिया कि जो भी लेखा पड़ी का काम करना है जमीन वाला एवं संबंधित विभाग ग्रामीण विकास विभाग से करें काम न रोका जाए। क्षेत्र के संगठन मासिक समीक्षा बैठक भी गांव गणराज्य लोक समिति ( कोल्हान) संगठन संयोजक बृहस्पति सिंह सरदार के द्वारा भी इस पर संक्षिप्त बात रखा कि वन विभाग वन भूमि पेड़ गिरा कर विकास का काम किया जा रहा हैं। तब सब ठीक हैं। लेकिन जब ग्रामीण अपना खतियानी जमीन में तालाब सार्वजनिक काम के लिए करें तो ग़लत ऐसा नहीं होना चाहिए एवं खाली जगह पर कोई पेड़ भी नहीं गिराया गया। एक तरफा विचार नहीं होना चाहिए। इस बैठक में उपस्थित ग्राम सभा सदस्य - शंकर सिंह, बलराम सिंह,रुपाई सिंह, शुकदेव सिंह, रतन सिंह, सूरत सिंह, रबिंद्र सिंह, छुटुलाल सिंह, गुणाधर सिंह, सरला सिंह, बाइबेत सिंह,गुनधु सिंह, दशरथ सिंह, आदि उपस्थित थे।



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