प्रशासनिक सेवा निवृत्त कर्मी सुचित्रा सिन्हा ने चांडिल डैम के विस्थापितों गांव में विशेष प्रतिवेदन हेतु दौड़ा किया ।

प्रशासनिक सेवा निवृत्त कर्मी सुचित्रा सिन्हा ने चांडिल डैम के विस्थापितों गांव में विशेष प्रतिवेदन हेतु दौड़ा किया 

चांडिल,सरायकेला-खरसावां (झारखंड), 20 मार्च 2026 —विशेष प्रतिवेदक (Special Rapporteur), जोन–X सुचित्रा सिन्हा अपने प्रस्तावित दौरे के क्रम में 20 से 26 मार्च 2026 तक सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल बांध से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। इसी क्रम में आज उन्होंने पातकुम पंचायत के ईचागढ़ एवं बाक्साई गांव तथा मैसाढ़ा पंचायत के कालीचामदा गांव में पहुंचकर चांडिल बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों से सीधे संवाद किया।

दौरे के दौरान श्रीमती सिन्हा ने विस्थापित परिवारों से उनकी वर्तमान स्थिति, मुआवजा, पुनर्वास, नियोजन, विकास पुस्तिका तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, सड़क, राशन, पेंशन आदि योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं—इन सभी विषयों पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीणों के घरों में बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया।

पातकुम पंचायत के ईचागढ़ गांव में विस्थापितों से सामूहिक बातचीत की गई, वहीं मैसाढ़ा पंचायत के कालीचामदा गांव में ग्रामीणों के घर पर जाकर उनसे संवाद किया गया। इसके अतिरिक्त बाक्साई गांव के विस्थापितों के मुद्दों को लेकर ईचागढ़ प्रखंड कार्यालय में भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर ईचागढ़ प्रखंड की प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एकता वर्मा, पातकुम पंचायत के मुखिया राखोहरी सिंह मुंडा, मैसाढ़ा पंचायत के मुखिया सोनिक जी , विस्थापित अधिकार मंच के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो, समाजसेवी गुरु चरण साहू, विस्थापित संगठन के सदस्य तथा गांव के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विस्थापित अधिकार मंच के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने चांडिल बांध से प्रभावित विस्थापितों के पुनर्वास स्थल, भूमि की समस्या, आजीविका, आधारभूत सुविधाओं की कमी तथा विस्थापितों के साथ हो रहे अन्याय और शोषण के मुद्दों को विस्तार से श्रीमती सुचित्रा सिन्हा के समक्ष रखा। उन्होंने मांग की कि चांडिल बांध परियोजना से प्रभावित सभी परिवारों को न्यायसंगत पुनर्वास, समुचित मुआवजा तथा सरकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ सुनिश्चित किया जाए।

  

सुचित्रा सिन्हा ने वीस्थापितों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं एवं सुझावों को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।


उल्लेखनीय है कि अपने दौरे के अगले चरण में श्रीमती सुचित्रा सिन्हा 21 मार्च को भी चांडिल बांध से प्रभावित अन्य गांवों का दौरा कर विस्थापित परिवारों से मुलाकात करेंगी तथा उनकी समस्याओं और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों की जानकारी लेंगी।


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