सरायकेला जिले में मनरेगा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू। विकास योजनाओं पर पड़ा असर।
चांडिल, सरायकेला-खरसावां जिले में विकास कार्यों की रीढ़ माने जाने वाले मनरेगा कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। मनरेगा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष शंकर सतपति के नेतृत्व में जिले के लगभग 150 कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर असर पड़ना शुरू हो गया है।दरअसल, बुधवार को राज्यव्यापी तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल समाप्त हुई थी। कर्मियों को उम्मीद थी कि सरकार उनकी मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालेगी, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई। संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और कोई विभागीय कार्य नहीं किया जाएगा।कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि राज्य के कई इलाकों में उनका मानदेय लगभग एक वर्ष से लंबित है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। वहीं नौकरी की सुरक्षा नहीं होने और कार्य दबाव बढ़ने से कर्मियों में मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।हड़ताल के कारण अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास, डोभा निर्माण, बिरसा हरित ग्राम योजना, दीदी-बाड़ी और सिंचाई कूप निर्माण जैसी योजनाएं फिलहाल ठप हो गई हैं।
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