झारखंड प्रदेश के विभिन्न जगहों पर माकपा का छोटानागपुर स्तरीय आक्रोश रैली निकाली गई।
चांंडिल,ईचागढ़,राहे, सिल्ली, अनगड़ा,सोनाहातु,रांची, में, जन आक्रोश जत्था कालाचाद सिंह मुंडा चौक लोवाडीह,मिलन चौक ईचागढ़, बिरसा मुंडा चौंक बारेदा, शहीद भगतसिंह चौक मुरी, सिल्ली बाजार चौक, जोनहा चौकअनगड़ा ,बासाहातु चौक राहे, ठूगरुडीह चौक राहे, नेताजी सुभाष चौक राहे, राजेंद्र सिंह मुंडा चौंक बरसालडीह में जन आक्रोशकम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) झारखंड राज्य कमिटी का छोटानागपुर स्तरीय जन आक्रोश जत्था कालाचाद सिंह मुंडा चौक लोवाडीह,मिलन चौक ईचागढ़, बिरसा मुंडा चौक बारेदा, भगतसिंह चौक मुरी, सिल्ली बाजार चौक सिल्ली,जोनहा चौकअनगड़ा,बासाहातु चौक राहे , ठूगरुडीह राहे, नेताजी सुभाष चौक राहे, राजेन्द्र सिंह मुंडा चौक बरसालडीह में जत्था एवं सभा किया गया। किसान - मजदूर विरोधी नीतियां नहीं चलेगा ,4 लेबर कोड ,बिज और बिजली विधेयक रद्द करो, मनरेगा की वापसी करना होगा, भारत - अमेरिका व्यापार समझौता नहीं चलेगा, इरान पर अमेरिका - इजराइल हमला पर रोक लगाओ, एम् एस पी की कानूनी गारंटी करो, किसानों की आत्महत्या क्यों, झारखंड में जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा की रक्षा करना होगा, सर्वाधिक महंगाई, बेरोजगारी, नीजीकरण नहीं चलेगा,युद्ध नहीं शान्ति चाहिए,कौन बनाता हिन्दुस्तान,देश का मजदूर किसान,24 मार्च को दिल्ली चलो आदि नारे लग रहे थे।जन आक्रोश जत्था एवं सभा को माकपा झारखंड राज्य सचिव मंडल सदस्य सह महासचिव झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो, राज्य सचिव मंडल सदस्य समीर दास, राज्य सचिव मंडल सदस्य सह आदिवासी मंच के राज्य संयोजक सुखनाथ लोहरा, माकपा राज्य कमिटी सदस्य सह राज्य उपाध्यक्ष जनवादी महिला समिति रंगोवती देवी, जिला कमिटी सदस्य तारापदो रवानी, सत्य रंजन कोटका,हिरालाल महतो,अमर महली,अरूण महतो, जयपाल सिंह, गणपति भोगता,विसमबर महतो, शोभाराम महतो,, उमेश महतो,रतन महतो किसान नेता हरिश्चंद्र प्रमाणिक, घासी राम महतो, रबिंद्र मुंडा,घुरन पातर, विकास मुंडा,दिनेश महतो, प्रेम चंद पातर, उरजला कुमारी,करमी देवी, जगदीश मुंडा,मानिक अहिर, कृष्ण अहिर,सोनामनी देवी,आदि ने संबोधित करते हुए कहा मोदी सरकार ने 4 लेबर कोड, बिज और बिजली विधेयक, भारत - अमेरिका व्यापार समझौता देश के किसान मजदूरो के लिए मौत की घंटी है, मनरेगा का खात्मा किया गया,देश में किसानों को एम् एस पी नहीं मिलता, प्रतिदिन 31 किसान आत्महत्याए और साढ़े चार लाख किसान आत्महत्याएं पर सरकार मुकदर्शक बनी हुई है, किसान मजदरो को जाति - धर्म के नाम पर बांटने का कोशिश नहीं चलेगा,हमे जात से ज्यादा हाथ में काम चाहिए,साम्राज्यवादी अमेरिका - इजराइल द्वारा इरान पर हमला की निंदा करते हैं , मोदी सरकार द्वारा अमेरिका - इजराइल का समर्थन भारत के गुट निरपेक्षता पर प्रश्नचिन्ह है, साम्राज्यवादी अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण है।


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