राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैक (नाबार्ड )के अध्यक्ष शाजी के. वी. द्वारा ,शानिवार ने गोरडीह लैम्प्स/एफपीओ का किया निरीक्षण। 
चांडिल,नाबार्ड अध्यक्ष शाजी के. वी. द्वारा ,शानिवार ने सरायकेला–खरसावाँ के चांडिल प्रखण्ड अंतर्गत गोरडीह लैम्प्स/एफपीओ का किया निरीक्षण। सहकारिता एवं डिजिटलीकरण आधारित ग्रामीण विकास को बताया सशक्त माध्यम
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अध्यक्ष शाजी के. वी. ने ,शानिवार को चांडिल प्रखंड स्थित गोरडीह लैम्प्स/एफपीओ का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने लैम्प्स सदस्यों, एफपीओ प्रतिनिधियों एवं कृषकों के साथ संवाद स्थापित कर संस्थाओं की गतिविधियों एवं संचालन व्यवस्था की समीक्षा की।निरीक्षण के क्रम में उत्पादों, डिजिटल प्रक्रियाओं एवं विपणन संबंधी पहलों का अवलोकन किया गया। माननीय अध्यक्ष ने संस्थाओं के डिजिटलीकरण एवं क्षमता संवर्धन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी सराहना की
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता का आधार अंतिम व्यक्ति तक सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करना है। इस उद्देश्य की प्राप्ति हेतु सहकारी संस्थाओं के सशक्तिकरण, ई-पीएसीएस (e-PACS) एवं एफपीओ के माध्यम से कृषि विपणन तंत्र को मजबूत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय आर्थिक केंद्र विकसित करने पर बल दिया गया। साथ ही कृषकों को सुलभ ऋण, विपणन सुविधा एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।इस अवसर पर पीएसीएस सदस्यता प्रमाण-पत्र, ई-केसीसी प्रमाण-पत्र तथा चयनित एफपीओ को ईजीए स्वीकृति पत्र का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित पद्मश्री श्रीमती चामी मुर्मू द्वारा सामुदायिक भागीदारी एवं महिला सशक्तिकरण की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई दिशा देने पर बल दिया गया।इस अवसर पर नाबार्ड, झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महाप्रबंधक (Chief General Manager) श्रीमती दीपमाला घोष ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता, वित्तीय समावेशन एवं डिजिटल पहल के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सकता है। उन्होंने एफपीओ एवं पैक्स के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि, बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम का आयोजन नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (DDM), सरायकेला–खरसावाँ के समन्वय में किया गया, जिसमें नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय, रांची के वरिष्ठ पदाधिकारी, सहकारिता विभाग के प्रतिनिधि, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।नाबार्ड द्वारा सहकारिता, वित्तीय समावेशन एवं तकनीकी नवाचार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु सतत प्रयास किए जा रहे है

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