प्रदुषण से चौका क्षेत्र के स्पंज आयरन फैक्ट्री किनारे बसे लोगों की जिंदगी बद से बदतर हो गई।
चांडिल, सरायकेला- खरसवाँ जिले के चौका थाना क्षेत्र में स्पोंज आयरन कारखानों से निकलने वाले जहरीले काले धुएं धूल प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। क्षेत्रवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इलाके में संचालित फैक्ट्रियों की चिमनियों से दिन-रात लगातार जहरीला धुआं और धूल छोड़ा जा रहा है, जिससे पूरे चौका और आसपास के इलाके काले धूल की चपेट में आ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर सुबह घरों, आंगनों और छतों पर धूल की मोटी परत जम जाती है, जिससे सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो गया है। फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं हवा में फैलकर धूलकणों में बदल जाता है, जो पेड़-पौधों, जलस्रोतों और घरों को प्रदूषित कर रहा है। इससे आंखों में जलन, त्वचा में खुजली और सांस संबंधी परेशानियां भी बढ़ रही हैं। इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए ।
सामाजिक कार्यकर्ता *गुरु चरण साव* ने कहा कि अब तक न तो विधानसभा और न ही संसद में इस गंभीर समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों ने आवाज उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।गुरु चरण साव ने बताया कि इस मुद्दे को उठाने के कारण उन्हें कई बार धमकियां और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा, यहां तक कि जेल भी जाना पड़ा। इसके बावजूद वे लगातार क्षेत्र के लोगों के हक और स्वच्छ वातावरण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि “अब तो लगता है कि चौका में फैल रहे इस प्रदूषण को राज्य के मुख्यमंत्री भी नहीं रोक पाएंगे।” सिद्धि विनायक स्पोंज़ कंपनी, रुगड़ी(चौका), एमार एलॉय स्पोंज़, टूईडुंगरी(चौका), जय मंगला स्पोंज़(दुबराजपुर), चौका के आदि प्लांट उपस्थित है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों पर सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र को राहत देने की मांग की है।
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