चांडिल,सरायकेला खरसावां जिला के समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त ने आकांक्षी कार्यक्रम की समीक्षा, प्रखंड वार किया। उन्होंने ने सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू प्रखंडों में प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में सुधार हेतु दिए आवश्यक निर्देश। संनद् रहे कि उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां रीना हांसदा की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें समाहरणालय सभागार में जिले के चयनित आकांक्षी कार्यक्रम,सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू—में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों, योजनाओं एवं निर्धारित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (Key Performance Indicators) के क्रियान्वयन एवं प्रगति की अद्यतन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की उपलब्धियों, प्रगति एवं लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति की विभागवार एवं बिंदुवार समीक्षा की गई।
समीक्षा के क्रम में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पशुपालन, पेयजल एवं स्वच्छता, वित्तीय समावेशन, आधारभूत संरचना विकास तथा अन्य निर्धारित संकेतकों से संबंधित उपलब्धियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संकेतकों में सुधार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उप विकास आयुक्त ने विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को नियमित रूप से VHSND (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) का आयोजन सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता संबंधी गतिविधियों के प्रभावी संचालन पर बल दिया।
उन्होंने विभिन्न प्रदर्शन संकेतकों के अंतर्गत निर्धारित मानकों एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पहुंचे, यह सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए संबंधित पदाधिकारियों को नियमित अनुश्रवण, क्षेत्रीय भ्रमण एवं विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को विभिन्न संकेतकों से संबंधित अद्यतन आंकड़ों एवं उपलब्धियों को निर्धारित पोर्टलों पर नियमित रूप से अपलोड एवं अद्यतन करने का निर्देश दिया, ताकि जिले एवं प्रखंडों की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट समय पर उपलब्ध हो सके तथा कार्यक्रम के प्रदर्शन का प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम केवल रैंकिंग में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आमजन के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना तथा विकास के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वित, लक्ष्य आधारित एवं परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने का निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सतत सुधार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों को क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन का नियमित सत्यापन करने, लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु गंभीरतापूर्वक कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी विभागों को नियमित समीक्षा एवं डेटा प्रबंधन के माध्यम से कार्यक्रम के प्रदर्शन में निरंतर सुधार लाने पर बल दिया।
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, जिला पशुपालन पदाधिकारी, उप निदेशक आत्मा श्री विजय कुमार सिंह, डीपीएम-जेएसएलपीएस, संबंधित प्रखंडों के MOIC, सीडीपीओ , ब्लॉक समन्वयक, जिला एवं प्रखंड फेलो (आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम) सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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