ईचागढ़ के जनता हाथी से तवाह है, दीपक तले अंधेरा की बात चारितार्थ होता।


ईचागढ़ के जनता  हाथी से तवाह है, दीपक तले अंधेरा की बात चारितार्थ होता।


ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि को वन विभाग ही मिलता, जो इतिहास गवाह,  है।








सरायकेला : सरायकेला खरसावां जिला के ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के कुकड़ू प्रखंड में दोहरी मार, हाथी का आतंक और बिजली संकट से त्रस्त गांव। शाम होते ही हाथी गांव में, वोल्टेज न होने से घर से निकलना मुश्किल ।
सभी गांव हाथी प्रभावित घोषित, बिजली विभाग मौन’ - ग्रामीण, लो वोल्टेज से जनजीवन अस्त-व्यस्त, अंधेरे में हाथी का खतरा बढ़ा।

सरायकेला :ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के कुकड़ू प्रखंड के अधीन आने वाले लगभग सभी गांव अब हाथी प्रभावित क्षेत्रों में गिने जा रहे हैं। एक ओर शाम ढलते ही जंगल से हाथियों का झुंड भोजन-पानी की तलाश में गांव में घुस जा रहा है, तो दूसरी ओर पिछले कई दिनों से प्रखंड के विभिन्न गांवों में बिजली की भीषण समस्या बनी हुई है।  
ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि को हमेशा वन एवं पर्यावरण मिला,चाहे स्वर्गीय घनश्याम महतो,सुधीर महतो, पहले बार सविता महतो को भी वन पर्यावरण ही मिला ,जो इतिहास गवाह। इसलिए इस क्षेत्र दलमा सेंचुरी क्षेत्र,या और कोई बजह है यह मैं नहीं जता।
*हाथी का आतंक + अंधेरा = दोगुना खतरा* ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही हाथी झुंड में जंगल से उतरकर गांव में प्रवेश कर जाते हैं। फसल, घर और अनाज को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ लोगों की जान पर भी बन आती है। ऊपर से बिजली रहते हुए भी वोल्टेज नहीं रहने से गांव अंधेरे में डूब जा रहा है। बिजली की कमी के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। अंधेरे में हाथी का खतरा और बढ़ गया है।  

*चांडिल सब डिविजन, बिजली विभाग मौन, जनजीवन अस्त-व्यस्त*  
कुकड़ू प्रखंड के कई गांवों में लो वोल्टेज की समस्या देखी जा रही है। बिजली के खंभे और तार तो हैं, पर वोल्टेज इतना कम कि बल्ब तक ठीक से नहीं जलता। इससे छात्रों की पढ़ाई, दुकानदारों का कारोबार और रोजमर्रा के काम सब प्रभावित हो रहे हैं।  

ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद बिजली विभाग मौन है। कोई अधिकारी समस्या सुनने या समाधान के लिए आगे नहीं आ रहा।  

*सभी गांव हाथी प्रभावित*  
वन विभाग ने भी कुकड़ू प्रखंड के अधीन आने वाले अधिकांश गांवों को हाथी प्रभावित क्षेत्र माना है। शाम के बाद गांवों में अलर्ट जारी रहता है। पर अंधेरे और लो वोल्टेज के कारण टॉर्च-पटाखे से भी बचाव करना मुश्किल हो रहा है।  

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि हाथी प्रभावित गांवों में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, वोल्टेज सुधारा जाए और हाथी रोकथाम के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। नहीं तो जनजीवन पूरी तरह ठप हो जाएगा।  

कुकड़ु प्रखंड में बिजली संकट, लो वोल्टेज-अनियमित आपूर्ति से लोग परेशान, छात्रों की पढ़ाई-व्यापार प्रभावित, उपभोक्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी, बिजली बुनियादी जरूरत, तकनीकी जांच कर नियमित सप्लाई हो’ - ग्रामीण ऑनलाइन दुकानों की गतिविधि ठप, वोल्टेज कम होने से उपकरण खराब। उपभोक्ताओं का कहना है कि अनियमित बिजली से कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। क्षेत्र के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लो वोल्टेज और कटौती के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है, खासकर रात के समय।  

वहीं स्थानीय दुकानदारों ने भी बिजली व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अनियमित आपूर्ति से व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कई ऑनलाइन दुकानों की गतिविधियां ठप हैं और कम वोल्टेज से उपकरण भी खराब हो रहे हैं।  

तकनीकी जांच और नियमित सप्लाई की मांग
क्षेत्र के लोगों ने बिजली विभाग के पदाधिकारियों से मांग की है कि कुकड़ु प्रखंड की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच कराई जाए और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि आज के समय में बिजली बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है।  उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।य

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