डी एम एफ टी शासी परिषद की बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजना की प्रगति की समीक्षा।
चांडिल,उपायुक्त की अध्यक्षता में डी एम एफ टी परिषद की बैठक में खनन आयोजित में
खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा एवं नई विकास योजनाओं के चयन पर हुई चर्चा।
समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरसावां विधायक दशरथ गागराई, ईचागढ़ विधायक सविता महतो, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, सांसद एवं विधायक प्रतिनिधिगण, उप विकास आयुक्त रीना हसदा, शासी परिषद के सदस्यगण तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान खनन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफटी मद से संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों एवं वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास को दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, विद्यालयी आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, कृषि एवं आजीविका संवर्द्धन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार सहित विभिन्न विकास योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा शासी परिषद के सदस्यों से सुझाव एवं अनुशंसाएं आमंत्रित की गईं। इस क्रम में सदस्यों द्वारा जिले में हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने, शव वाहन की संख्या में वृद्धि करने, बंद पड़े कोल्ड स्टोरेज को पुनः संचालित करने, जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
उपायुक्त ने शासी परिषद के सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी निधि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, आजीविका संवर्द्धन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि स्थानीय समुदायों को इसका अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए तथा परिषद के सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं के आलोक में भावी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
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