ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र हुल दिवस पर सिंदो कान्हु को याद किया गया।
चांडिल, ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र विभिन्न जगह पर हुल दिवस सिदो कान्हु को याद किया गया।इस अवसर पर राजनीति दल शिक्षक छात्र, पदाधिकारी ने श्रद्धांजलि दी। उनके बताए हुए जाते पर चलने का संकल्प लिया।हूल दिवस पर विधायक सविता महतो ने वीर शहीद सिदो-कान्हु, फूलो-झानो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक सविता महतो ने झामुमो नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ चांडिल गोलचक्कर स्थित वीर शहीद सिदो-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने चौका के टुईटुंगरी मोड़ स्थित वीरांगना फूलो-झानो की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। वहीं नीमडीह प्रखंड के पाढ़कीडीह तथा कुकड़ू प्रखंड के सिंदूरपुर और हाईतिरुल गांव में स्थापित वीर शहीद सिदो-कान्हु की प्रतिमाओं पर भी श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। इस दौरान सिंदूरपुर में विधायक सविता महतो ने वीर शहीद सिदो-कान्हुके आदमकद मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर विधायक सविता महतो ने कहा कि वीर शहीदों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके सपनों का झारखंड बनाने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि 30 जून 1855 को जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा शोषण और अत्याचार के खिलाफ अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध हूल विद्रोह का बिगुल फूंकने वाले अमर वीर शहीद सिदो-कान्हु, चांद-भैरव, फूलो-झानो सहित हजारों शहीदों का बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने सभी वीर शहीदों को हूल जोहार अर्पित करते हुए कहा कि झारखंड के वीर सपूतों का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को न्याय, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा। इस मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी नितिन शिवम गुप्ता, डीएसपी शिव प्रकाश कुमार, बीडीओ तालेश्वर रविदास, जिला परिषद सदस्य पिंकी लायेक, झामुमो केंद्रीय सदस्य चारु चांद किस्कू, ओम प्रकाश लायेक, काबलू महतो, जिला सचिव बैद्यनाथ टुडू, प्रखंड अध्यक्ष कृष्णा किशोर महतो, सचिन गोप, कित्तीवास महतो, अरुण टुडू, धर्मु गोप, अर्जुन सिंह मुंडा, समर भुईयां, अजीत सिंह मुंडा, श्रीकांत महतो, नव किशोर हांसदा सहित बड़ी संख्या में झामुमो नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह-चांडिल में हूल दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया|*
*सिद्धू कानू के संघर्ष को भारत भुला नहीं सकता - डॉ जटाशंकर पांडे*
*लुपुंगडीह (चांडिल)*, दिनांक 30 जून 2026।
नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह-चांडिल में हूल दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे ने महान स्वतंत्रता सेनानी सिद्धो-कान्हू, चाँद एवं भैरव मुर्मू के अद्वितीय बलिदान एवं संघर्ष को स्मरण करते हुए उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. पांडे ने कहा कि 30 जून 1855 को सिद्धो-कान्हू के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ हूल आंदोलन अंग्रेजी शासन, जमींदारी प्रथा एवं महाजनी शोषण के विरुद्ध आदिवासी समाज का ऐतिहासिक जनविद्रोह था।
यह आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। सिद्धो-कान्हू, चाँद एवं भैरव ने अपने प्राणों का बलिदान देकर जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा स्वाभिमान के लिए संघर्ष का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि हूल दिवस हमें अपने इतिहास, संस्कृति और वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करता है। युवाओं को उनके आदर्शों को अपनाते हुए राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक समरसता के लिए कार्य करना चाहिए।
डॉ जटाशंकर पांडे ने उल्लेख करते हुए ये भी कहा कि
*हूल क्रांति (1855)* का नेतृत्वऐतिहासिक सभा: 30 जून 1855 को भोगनाडीह में उनके आह्वान पर 50,000 से अधिक संथाल पारंपरिक हथियारों (तीर-धनुष, भाला) के साथ एकत्र हुए।
*सिदो-कान्हू ने "अपना देश, अपना राज्य"* और *अंग्रेजों के खिलाफ 'करेंगे या मरेंगे'* का नारा दिया।
उनके नेतृत्व में आदिवासियों ने ब्रिटिश छावनियों, रेल लाइनों और जमींदारों के महलों पर हमला कर दिया।
इस कुशल नेतृत्व के आगे आधुनिक हथियारों से लैस ब्रिटिश सेना को भी शुरुआत में पीछे हटना पड़ा था।
कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने महान वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे एडवोकेट निखिल कुमार प्राचार्य जयदीप पांडे शांति राम महतो प्रकाश महतो, देवाशीष मंडल, शुभम साहू, शशि भूषण महतो, पवन महतो,कृष्णा पद महतो, गौरव महतो, एवं भारी संख्या में लोग मौजद रहे।य

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