सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , बीपीएचयू गम्हरिया का उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण।
स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं लापरवाही पर कार्रवाई के दिए निर्देश।
उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां नीतिश कुमार सिंह के द्वारा आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गम्हरिया एवं बीपीएचयू (ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट) गम्हरिया का औचक निरीक्षण किया गया। ज्ञात हो कि दिनांक 09 मई 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला द्वारा सीएचसी गम्हरिया का औचक निरीक्षण किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं से संबंधित विभिन्न प्रकार की त्रुटियां एवं अनियमितताएं पाई गई थीं। इसी के आलोक में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा लापरवाही पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त द्वारा महिला एवं पुरुष वार्ड, प्रतीक्षालय, दवा भंडार कक्ष, स्टॉक रूम, चिकित्सा वार्ड, जांच घर, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, जनरेटर, इनवर्टर, सोलर व्यवस्था, बीपीएचयू सहित अस्पताल परिसर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर एवं स्टोर रूम में अनुपयोगी एवं कचरा स्वरूप पड़े सामानों को हटाकर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जनरेटर व्यवस्था को अविलंब दुरुस्त करने का निर्देश भी संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया।
दवा स्टॉक रूम के निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की एक्सपायर एवं आगामी माह में एक्सपायर होने वाली दवाएं पाई गईं। इस पर उपायुक्त ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को अनुमंडल स्तर से टीम गठित कर संपूर्ण स्टोर रूम की जांच कराने का निर्देश दिया। साथ ही उपलब्ध दवाओं एवं अन्य सामग्रियों का स्टॉक मिलान करने तथा स्टोर रूम में रखी गई सामग्रियों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने अनुपयोगी एवं जर्जर सामग्रियों की सूची तैयार कर समिति गठित करते हुए नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया संचालित करने तथा एक्सपायर दवाओं का सुरक्षित एवं नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं बीपीएचयू गम्हरिया में उपलब्ध सभी निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत सूची तैयार कर उसे प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए। सूची में स्वास्थ्य जांच, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, विभिन्न प्रकार की लैब जांच, दवा वितरण, परामर्श सहित केंद्र में उपलब्ध सभी सुविधाओं का स्पष्ट उल्लेख किया जाए, ताकि आमजनों को यह जानकारी मिल सके कि उक्त सभी सेवाएं पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर के प्रवेश द्वार, प्रतीक्षालय एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर बड़े एवं स्पष्ट सूचना पट्ट, बैनर अथवा स्टिकर लगाए जाएं, जिससे मरीजों एवं उनके परिजनों को उपलब्ध निशुल्क सुविधाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके।
सीएचसी गम्हरिया निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त द्वारा उपस्थित चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), एएनएम, स्वास्थ्य कर्मियों एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह देखा जाता है कि रोस्टर के अनुसार चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी अपने कार्यस्थल पर विलंब से पहुंचते हैं तथा रात्रि ड्यूटी में तैनात चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मी कई बार कार्य में लापरवाही बरतते हुए अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसी स्थिति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा तथा जिला स्तर से सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता आमजनों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी अपने कार्यशैली में सुधार लाएं, निर्धारित समय पर स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित रहें तथा मरीजों के साथ संवेदनशीलता, मानवीयता एवं जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि मरीजों की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में त्रुटि पाए जाने एवं अनुपस्थित पदाधिकारी एवं कर्मियों को शोकॉज करते हुए एक दिन के वेतन कटौती का निर्देश दिया गया। साथ ही तीन वर्ष से अधिक अवधि से एक ही स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित चिकित्सकों एवं कर्मियों को अन्यत्र स्थानांतरित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सीएचसी गम्हरिया में डेपुटेशन पर कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मियों का डेपुटेशन रद्द करते हुए उन्हें अपने मूल कार्यस्थल पर वापस जाकर योगदान देने हेतु निर्देशित किया जाए।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त द्वारा विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से भी स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। उपायुक्त ने मरीजों से यह जानने का प्रयास किया कि चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मी उनके साथ संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ व्यवहार करते हैं अथवा नहीं तथा किसी जांच या दवा के नाम पर अवैध राशि की मांग तो नहीं की जाती है। इस दौरान मरीजों द्वारा बताया गया कि स्वास्थ्य केंद्र में उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा किसी भी प्रकार की शिकायत मरीजों द्वारा नहीं की गई।
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला अभिनव प्रकाश एवं सिविल सर्जन, सरायकेला-खरसावां डॉ. सरयू प्रसाद सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
0 Comments