समानपुर गांव में आये आंधी-तूफान से कई रजक परिवार बेघर, ।

समानपुर गांव में आये आंधी-तूफान से कई रजक परिवार बेघर, ।

चांडिल,सरायकेला खरसावां जिला के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत नीमडीह प्रखंड के समानपुर पंचायत अंतर्गत बामनी हाट टोला में बीते दिन आए तेज आंधी-तूफान ने कई गरीब परिवारों का आशियाना उजाड़ दिया। सबसे ज्यादा नुकसान रजक समुदाय के परिवारों को हुआ है। घर का छज्जा उड़ने और अनाज-सामान नष्ट होने से पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार को अचानक तेज आंधी-तूफान आया। इसकी चपेट में आकर बामनी हाट टोला के कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। *इन परिवारों का हुआ नुकसान:संतोष रजक, पिता- युधिष्ठिर रजक ,अकलू रजक, पिता- युधिष्ठिर रजक
नकुल रजक, पिता- स्वर्गीय रूपलाल रजक भूदेव रजक, पिता- विनोद रजक संजय रजक, पिता- युधिष्ठिर रजक रंजीत महतो, पिता- स्वर्गीय कोंका महतो
आंधी से इनके घरों का छज्जा उड़ गया। घर में रखा धान, चावल, गेहूं, मुर्गी, बत्तख, बकरी सहित आवश्यक कागजात और घरेलू सामान नष्ट हो गया।

*अब तक नहीं मिला आवास योजना का लाभ:*
पीड़ित परिवार मजदूर वर्ग से आते हैं और रोज कमाकर अपना जीवन यापन करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इन परिवारों को अब तक झारखंड सरकार की अबूआ आवास योजना अथवा केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है।

*पेड़ के नीचे रात गुजारने को मजबूर:*
वर्तमान में इनके पास रहने के लिए सुरक्षित घर तक नहीं बचा है। भीषण गर्मी में ये परिवार पेड़ के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

*प्रशासन से राहत की मांग:*
ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत, तिरपाल, राशन और स्थायी आवास की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से मदद की अपील की है। अंचल अधिकारी नीमडीह ने कहा है कि राजस्व कर्मी को नुकसान का आकलन करने भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आपदा राहत कोष से मदद दी जाएगी।

नीमडीह में आंधी से बेघर हुए परिवारों के चूल्हे भी उजड़े, अब तक नहीं पहुंची राहत, बिजली भी गुल ।

सामानपुर पंचायत अंतर्गत बामनी हाट टोला में शुक्रवार शाम आई भीषण आंधी ने कई रजक और एससी परिवारों को बेघर कर दिया है। हालात ये हैं कि इनके चूल्हे तक उजड़ चुके हैं, जिससे खाने-पीने का भी संकट उत्पन्न हो गया है।
समाचार लिखे जाने तक किसी भी जनप्रतिनिधि, प्रखंड प्रशासन अथवा अंचल प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई थी। प्रखंड स्तर से कोई भी पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।

भीषण आंधी-तूफान में पेड़-पौधों के साथ बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर भी गिर गए, जिसके कारण शुक्रवार शाम से ही पूरे इलाके की बिजली गुल है। भीषण गर्मी और मौसम की दोहरी मार ने इन बेघर परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। आज भी ये परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

*विस्थापित अधिकार मंच पहुंचा मौके पर:*
घटना की सूचना मिलने पर विस्थापित अधिकार मंच के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने तत्काल दूरभाष के माध्यम से बीडीओ एवं सीओ से बातचीत की।

राकेश रंजन महतो ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र में ठहरने की व्यवस्था कराने की मांग की। साथ ही सभी प्रभावित एससी परिवारों को अविलंब राहत सामग्री, तिरपाल, राशन उपलब्ध कराने को कहा।


उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अबूआ आवास एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर पक्का मकान स्वीकृत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे परिवारों को खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर न होना पड़े।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि रोज कमाने-खाने वाले मजदूर हैं। घर उजड़ने से अब सिर छुपाने की जगह तक नहीं बची। प्रशासन से जल्द मदद की आस लगाए बैठे हैं।


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