चांडिल अनुमंडल जंगली हाथी का चरागाह बना, विभाग ने क्षतिपूर्ति को इतिश्री माने, समाजिक दायित्व से मुकर रहे हैं।

चांडिल अनुमंडल जंगली हाथी का चरागाह बना, विभाग  ने क्षतिपूर्ति को इतिश्री माने, समाजिक दायित्व से मुकर रहे हैं।  

एलिफेंट फाइटिंग ईचागढ़ ,विधान सभा क्षेत्र रहा गज का आतंक ,वन विभाग रहा मौन।

चांडिल अनुमंडल के क्षेत्र में हाथी का झुंड किसानों पर लगातार कहर बरपा रहा है, जिससे किसान काफी भयभीत व चिंतीत है। आए दिन क्षेत्र में हाथियों का उत्पात से गरीब ग्रामीणों का घर के अंदर में रात को रहना भी मुश्किल हो गया है। खास कर किसान हाथीयों के उत्पात से दिल से टूट चुके हैं। खेतों में धान, सब्जी की खेती को रौंदा जा रहा है, तो घर लाए खलिहानों में भी हाथीयों का झुंड आकर धानों को चट कर रहा है। शाम ढलते ही ग्रामीण गांव आने के लिए कत्तरा रहा हे, ना जाने कब गजराज की झुंड मौत बनकर रास्ते पर खड़े हो जाएं


क्योंकि गजराज का झुंड जंगल छोड़ कर अब गांव के आसपास छोटे छोटे जंगल में डेरा डाल कर रखा है, ओर मौका मिलते ही घर में रखे अनाज का अपना निशाना बना रहा हे,साथ ही घर को भी क्षतिपूर्ति देता है।जिसे ग्रामीण क्षेत्र में भय का माहौल हे।


शनिवार की तड़के सुबह चांडिल  दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी के विशाल दो  गजराज मिलनचोक के पास धान की खेत में सुबह आपस में घंटो भर अपनी लड़ाई जारी रखा ,दोनो गजराज की आपस में धामासान लड़ाई से ग्रामीणों का नीद हराम हो गया , हाथियों का चिहड़ाना से  ग्रामीण रातभर भयवीत रहे और सुबह देखा दोनो गजराज लड़ते रहें ओर अंतिम में एक  गजराज भाग गया।  


वहीं एक सप्ताह से निमडीह थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर हाईस्कूल के पास दूमदुमि इंटर कॉलेज के आसपास रातभर गजराजों का झुंड गांव में प्रवेश करके आतंक मचा दिया था ।जिसे ग्रामीणों रात्रि में भयवित रहने लगा


 विधान सभा क्षेत्र में अब गजराजों की आतंक से लोग  परेशान है । वहीं वन विभाग भी मौन है, अब ग्रामीणों को एक मात्र ईश्वर का भोरेसे है हाथी की आतंक से ग्रामीणों को सरकार कैसे सुरक्षा देते हे यह देखना बाकी हैं,

 बाइट: ग्रामीण रविंद्र नाथ महतो


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