दलमा क्षेत्र की रक्षा को लेकर 25 फरवरी को होगा महा जुटान
25 फरवरी को उग्र जन आंदोलन का ऐलान।
अपनेअस्तित्व की रक्षा हेतु को उतरेंगे सड़क से सदन तक ।
जल–जंगल–जमीन बचाने हेतु सड़क पर उतरेंगे लोग, आंदोलन को देगे नयी दिशा।
चांडिल,दलमा: दलमा क्षेत्र में संविधान, आदिवासी अधिकार और ग्राम स्वशासन पर हो रहे लगातार हमलों के खिलाफ अब जनता सड़कों पर उतरने को तैयार है। दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच, कोल्हान के आह्वान पर 25 फरवरी 2026 को माकुलाकोचा फुटबॉल मैदान में एक उग्र जन सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन को और तेज करने का खुला ऐलान किया गया।
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने दो टूक कहा कि दलमा क्षेत्र में पाँचवीं अनुसूची, अनुच्छेद 244(1), PESA Act 1996, वन अधिकार कानून 2006 और भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को खुलेआम कुचला जा रहा है। ग्राम सभा की अनुमति के बिना फैसले थोपे जा रहे हैं, जल–जंगल–जमीन छीनी जा रही है और आदिवासी समाज को अपने ही क्षेत्र में बेदखल करने की साजिश चल रही है।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर संविधान और ग्राम सभा के अधिकारों का सम्मान नहीं किया गया तो यह आंदोलन सिर्फ सम्मेलन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनांदोलन का रूप लेगा। अब चुप रहने का समय खत्म हो चुका है और दलमा की धरती अपने अधिकारों की लड़ाई खुद लड़ेगी।
दलमा टाइगर सुकलाल पहाड़िया ने कहा कि दलमा की पहाड़ियां सिर्फ पत्थर नहीं, बल्कि हमारी पहचान और अस्तित्व हैं। महावीर हांसदा ने इसे आदिवासी समाज के भविष्य की निर्णायक लड़ाई बताया। देवनाथ सिंह मुंडा, राधेश्याम भूमिज, बुद्धेश्वर हेम्ब्रम और पारंपरिक लाया भूषण पहाड़िया ने एक स्वर में कहा कि यदि शोषण और दमन नहीं रुका तो संघर्ष और तेज होगा।आयोजकों ने दलमा क्षेत्र के हर गांव, हर युवा और हर ग्राम सभा से अपील की कि 25 फरवरी 2026 (बुधवार) सुबह 11 बजे माकुलाकोचा फुटबॉल मैदान में पहुंचकर अपनी ताकत दिखाएं और संविधान की रक्षा के इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएं।

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