देश का स्वतंत्रता सेनानी शहिद तिलका मांझी की जंयती पर जेएमएम कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।

देश का स्वतंत्रता सेनानी शहिद तिलका मांझी की जंयती पर जेएमएम कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।
चांडिल,सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड के अंतर्गत पारकी डीह गांव में जेएमएम कार्यकर्ताओं ने सिधु कान्हु मैदान परिसर में देश के स्वतंत्रता सेनानी शहिद तिलका मांझी की जंयती पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।इस अवसर पर नीमडीह प्रखंड जेएमएम अध्यक्ष सचिन गोप,अनिल माझी आदि लोग उपस्थित थे। ज्ञात हो कि तिलका मांझी (मुर्मू) का जन्म 11 फरवरी 1750 को हुआ है। बिहार के सुल्तानगंज, भागलपुर क्षेत्र में पहाड़िया जनजाति के लोगों का भी निवास थे, तिलका मांझी संथाल और उन पहाड़िया जनजाति के बीच में रहकर पले बढ़े हैं, इसीलिए ही कुछ गैर आदिवासी इतिहासकारों को लगता है तिलका मांझी पहाड़िया जनजाति के है।तिलका मांझी (1750-1785) एक प्रमुख आदिवासी नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आदिवासी क्षेत्रों में संघर्ष किया। उन्होंने खासकर झारखंड और बिहार के आदिवासी इलाकों में ब्रिटिशों के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई। भारत के प्रथम जनजातीय स्वतंत्रता सेनानीबाबा तिलका मांझी की जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन। 1784 में जब पूरा देश ब्रिटिश साम्राज्य की दासता में जकड़ा हुआ था, तब संथाल परगना की धरती से उठे इस वीर योद्धा ने अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का बिगुल फूंका और स्वतंत्रता संग्राम की पहली मशाल जलाई।



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