चांडिल , ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न जगह नीमडीह प्रखण्ड के ग्राम बांधडीह में भूमिज समाज विद दिरि झंडा दिवस मनाया गया। इस का उद्वेश भूमिज़ समाज को अपना संस्कृति, परम्परा, रीति रिवाज, जाति पहचान बचाए रखने के लिए । भूमिज समाज का विद दिरि झंडा दिवस राष्ट्रपति महामहिम प्रतिभा सिंह पाटिल के कार्य काल में 12 फ़रवरी 2012को मान्यता दिया गया। इस जाति पहचान को बचाए रखने के लिए भूमिज समाज हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मनाया गया।इस झंडा दिवस मनाने के मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक रक्षक का प्रतीक हैं। आज भूमिज समाज का जितना सारा गोत्र हैं किसी जीव जन्तु, पशु पक्षी, वृक्ष, पत्थर आदि के नाम हैं। इनका उद्देश्य हैं भूमिज जाति का जिस भी गौत्र में हैं वह उस पशु पक्षी का संरक्षण या पालता हैं। उसे मारता नहीं हैं। जैसे की एक उदाहरण के तौर कोई नाग गौत्र हैं तो नाग सांप को नहीं मारेगा। अगर समाज में अपना गौत्र को पालन करता हैं।तो जीव जगत का सुरक्षा (संरक्षण ) देता हैं तथा जिस से प्राकृतिक का संतुलन बना रहेगा।
सभी लोग अगर बिना नियम नीति से अंधा धुन कोई भी कार्य करने से प्राकृतिक का विनाश हो जायेगा। हर वर्ष इस को बृहद तौर पर मनाने एवं समाज को अपने परम्परा प्रतिक झंडा परम्परा आदि को संदेश देता रहेगा। इस बैठक में भूमिज समाज का निम्न बुद्धि जीवी, समाज सदस्य उपस्थित थे। ग्राम डाहुबेड़ा में नरेश भूमिज, सुभद्रा सिंह भूमिज, कनक लता भूमिज।आज दिनांक 12.02.2026को चांडिल प्रखण्ड के ग्राम माकुलाकोचा में विद दिरी झंडा दिवस मनाया गया। जिस में शंकर सिंह भूमिज, बलराम सिंह भूमिज, रतन सिंह, सूर्यदेव सिंह भूमिज, सुखदेव सिंह, तुलावती सिंह भूमिज आदि उपस्थित थे।पार्वती भूमिज, अनीता भूमिज, उर्मिला भूमिज, नीलावती भूमिज, नियति भूमिज, गीता रानी भूमिज, आरती भूमिज, फुलमनी भूमिज, अल्पना भूमिज, कुलोवाती भूमिज, ऊषा रानी, भूमिज, जगरनाथ सिंह भूमिज,जयदेव सिंह भूमिज, भानु सिंह भूमिज, दुर्योधन सिंह, बृहस्पति सिंह भूमिज,।
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