जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन हुआ।
चांडिल,जिला परिषद अध्यक्ष की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन, किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की दी गई जानकारी...*
सरायकेला स्थित टाउन हॉल में बुधवार को जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों ने भाग लिया तथा आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा बतौर अध्यक्ष उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के आत्मनिर्भर बनने से जिला, राज्य एवं देश समृद्ध होगा। उन्होंने किसानों से केवल जीविकोपार्जन तक सीमित न रहकर खेती को आय वृद्धि एवं आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकांश किसान खरीफ फसल पर निर्भर रहते हैं, जबकि रबी फसलों की खेती अपनाकर आय में वृद्धि की जा सकती है। साथ ही उन्होंने किसानों को बदलते समय के अनुरूप आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक विधि से खेती करने हेतु प्रेरित किया, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा ने कहा कि जिले के किसान मुख्यतः वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं। उन्होंने संभावित अल-नीनो प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा चक्र प्रभावित हो सकता है, जिससे खेती की पारंपरिक समय-सारणी में बदलाव आ रहा है। उन्होंने किसानों को बदलते जलवायु परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिला कृषि पदाधिकारी श्री रोशन नीलकमल ने किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं केवीके वैज्ञानिक डॉ. गोदरा मार्डी ने किसानों को उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य एवं विशिष्ट पदाधिकारी/अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन उप परियोजना पदाधिकारी विजय कुमार सिंह द्वारा किया गया।
कार्यशाला के दौरान किसान समृद्धि योजना के तहत दो लाभुकों — चंद्रमोहन मुंडा एवं गोपाल सिंह मुंडा को सोलर आधारित पंप सेट प्रदान किया गया। साथ ही सात लाभुकों के बीच किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का वितरण किया गया, जिसमें छह लाभुकों को एक-एक लाख रुपये तथा एक लाभुक को पचास हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
मौके पर जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. रामचंद्र गोदले, गव्य विकास पदाधिकारी चंदन गोविंद देव, भूमि संरक्षण पदाधिकारी रियाज अंसारी, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी Rajkumar, सहकारिता पदाधिकारी जगमनी टोप्नो सहित अन्य पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित थे।
किसानों से अपील की गई कि वे विभागीय योजनाओं का लाभ उठाते हुए उन्नत बीज, वैज्ञानिक खेती पद्धति, जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि सुनिश्चित करें। साथ ही मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करते हुए समय पर खेती संबंधी गतिविधियों का निष्पादन करें।


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