समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक संपन्न,

समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक संपन्न।










चांडिल,समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक संपन्न, अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण, राजस्व संरक्षण एवं बालू घाट संचालन में शीघ्रता सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश।
उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा बिंदुवार समीक्षा कर अवैध खनन पर सघन जांच, संयुक्त निरीक्षण एवं ईंट भट्टों के मानचित्रण (मैपिंग) कर नियमानुसार कार्रवाई के दिए गए निर्देश।
जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी की संयुक्त अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान पूर्व में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा अवैध खनन, खनिज परिवहन, राजस्व संरक्षण, बालू घाट संचालन एवं संयुक्त जांच अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के क्रम में जिला खनन पदाधिकारी श्री ज्योति शंकर शतपथी द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 23.04.2026 से 20.05.2026 तक अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए कुल 14 वाहनों को जब्त किया गया, जिसमें 01 हाईवा, 12 ट्रैक्टर एवं 01 टाटा 407 वाहन शामिल हैं। कार्रवाई के क्रम में लगभग 8000 सीएफटी बालू खनिज जब्त किया गया। साथ ही अवैध खनन, परिवहन एवं खनिज भंडारण निवारण से संबंधित प्रावधानों के तहत नियमानुसार अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि बिना वैधानिक अनुमति के संचालित न हो तथा अवैध खनन एवं परिवहन पर पूर्णतः अंकुश लगाया जाए। सभी अंचल अधिकारियों को खनन निरीक्षकों एवं थाना प्रभारियों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित जांच एवं संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही जिले के सभी ईंट भट्टों, क्रशर इकाइयों एवं संचालित खनिज भंडारण स्थलों (माइंस स्टॉकयार्ड) का समुचित मानचित्रण (मैपिंग) एवं भौतिक सत्यापन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने निर्देशित किया कि सभी अंचल अधिकारी अपने क्षेत्र अंतर्गत संचालित खनिज भंडारण स्थलों (स्टॉकयार्ड) एवं क्रशर इकाइयों का मापन कर प्रतिवेदन तैयार करें तथा निर्धारित सीमा से अधिक खनिज भंडारण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं के आधार पर क्रशर, खनन क्षेत्रों एवं भंडारण स्थलों में नियमित जांच अभियान चलाया जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
दलमा क्षेत्र सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में बालू एवं पत्थर खनिज के अवैध उत्खनन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने अवैध खनन टास्क फोर्स के सभी संबंधित पदाधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके तथा संलिप्त व्यक्तियों पर प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सके।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि कई वाहन पश्चिम बंगाल के चालान के माध्यम से खनिजों का परिवहन कर रहे हैं। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी एवं खनन निरीक्षक को सघन जांच करने तथा परिवहन की वैधता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे किसी भी प्रकार की राजस्व हानि को रोका जा सके। साथ ही पाटा टोल प्लाजा सहित अन्य संवेदनशील जांच स्थलों पर अवैध पत्थर एवं खनिज परिवहन की रोकथाम हेतु नियमित औचक निरीक्षण चलाने तथा आवश्यकतानुसार सीसीटीवी फुटेज की जांच कर संबंधित वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई में जब्त बालू एवं अन्य खनिजों को चिन्हित अस्थायी स्थल पर सुरक्षित रखा जाए तथा नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई एवं निष्पादन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग के पदाधिकारियों को जिले में संचालित ईंट भट्टों का नियमित औचक निरीक्षण करने, निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की जांच करने तथा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टों एवं अवैध माटी कटाई (मिट्टी उत्खनन) की प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं पर त्वरित जांच कर कार्रवाई की जाए।साथ ही सभी ईंट भट्टों में प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों, निर्धारित दूरी मानक, वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) एवं स्वीकृत संचालन शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं राजस्व हितों को ध्यान में रखते हुए ईंट भट्टों से संबंधित अनियमितताओं पर नियमित निगरानी रखी जाए तथा संबंधित विभाग संयुक्त रूप से जांच अभियान संचालित करें।

पुलिस अधीक्षक  निधि द्विवेदी ने कहा कि क्षमता से अधिक भार (ओवरलोडिंग) कर बिना ढके बालू, डस्ट, पत्थर, ईंट एवं कोयले का परिवहन किया जाना न केवल प्रदूषण को बढ़ावा देता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी उत्पन्न करता है। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों एवं परिवहन विभाग को नियमित जांच अभियान चलाते हुए ऐसे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि क्षेत्र अंतर्गत अवस्थित बंद खदानों एवं बंद औद्योगिक इकाइयों का सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी एवं खनन विभाग संयुक्त रूप से निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि वहां किसी प्रकार की अवैध गतिविधि संचालित न हो।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के तहत 10 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक नदी से बालू उत्खनन प्रतिबंधित रहने के मद्देनजर सभी बालू भंडारण कर्ता को उक्त अवधि हेतु पर्याप्त मात्रा में बालू का पूर्व भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि प्रतिबंध अवधि में अवैध उत्खनन की संभावना समाप्त हो तथा आमजन को निर्धारित दर पर बालू की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।बैठक में उप विकास आयुक्त  रीना हांसदा, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला  अभिनव प्रकाश, अनुमण्डल पदाधिकारी चांडिल  विकास कुमार राय, जिला खनन पदाधिकारी  ज्योति शंकर शतपथी, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडिल, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के पदाधिकारी सहित सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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