नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रशासनिक प्रतिबद्धता स्पष्ट" – उपायुक्त,

नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रशासनिक प्रतिबद्धता स्पष्ट" – उपायुक्त,












चांडिल,उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में NCORD समिति की बैठक सम्पन्न।अफीम प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को वैकल्पिक खेती हेतु बीज एवं कृषि उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश।
*"नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रशासनिक प्रतिबद्धता स्पष्ट" – उपायुक्त, ससरायकेला-खरसावा।
समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी की अध्यक्षता में NCORD (Narco Coordination Centre) समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम, अवैध अफीम खेती उन्मूलन, अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री पर नियंत्रण, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति तथा जन-जागरूकता अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि नशा के विरुद्ध जन-जागरूकता, सक्रिय रणनीति एवं कठोर कार्रवाई—तीनों स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को अवैध अफीम खेती वाले संभावित क्षेत्रों की पहचान कर संयुक्त रूप से विशेष अभियान संचालित करने तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि प्रभावित किसानों को वैकल्पिक आजीविका से जोड़ना आवश्यक है। इसके लिए उन्हें वैकल्पिक कृषि हेतु बीज, कृषि उपकरण एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए तथा बिरसा हरित ग्राम योजना, पशुपालन, मनरेगा एवं किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी योजनाओं से आच्छादित किया जाए, ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।

पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी ने कहा कि आदित्यपुर, गम्हरिया, कपाली सहित अन्य संभावित क्षेत्रों में अवैध अफीम की खरीद-बिक्री, नशा सेवन एवं अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु नियमित औचक निरीक्षण एवं विशेष अभियान संचालित किया जाए। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों एवं पदाधिकारियों को सूचना तंत्र को सुदृढ़ करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही अवैध शराब निर्माण, भंडारण एवं बिक्री पर विशेष निगरानी रखते हुए संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने को कहा।

बैठक के दौरान बिंदुवार समीक्षा के क्रम में सम्बन्धित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया जाए तथा शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को बच्चों की गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखने हेतु प्रेरित किया जाए। विभिन्न माध्यमों से स्थानीय स्तर पर स्थानीय भाषा में आमजन, विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशा सेवन से शरीर, परिवार एवं समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर बल दिया गया।

साथ ही ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए नशामुक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया गया। युवाओं को खेलकूद, कौशल विकास एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें नशा से दूर रखने तथा स्वस्थ एवं जागरूक समाज निर्माण हेतु सामूहिक प्रयास करने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सार्वजनिक स्थलों, खेल मैदानों, विद्यालय परिसरों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर नशा सेवन एवं असामाजिक गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकता अनुसार औचक निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि परिवार, समाज एवं आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित करता है। इसलिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षण संस्थानों, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन की सहभागिता से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में सतत प्रयास किया जाएगा।

बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडिल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडील, जिला कृषि पदाधिकारी सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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