सांस्कृतिक कार्यक्रम डैम रोड स्थित मध्य विद्यालय समीप मैदान में समारोह संपन्न।

सांस्कृतिक कार्यक्रम डैम रोड स्थित मध्य विद्यालय समीप मैदान में समारोह संपन्न।

चांडिल सरायकेला खरसावां जिला के चांडिल डेम रोड स्थित मध्य विद्यालय में संस्कृति सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

किया गया। कार्यक्रम का संचालन आल इडीया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ने सदस्य ने किया ।कार्यक्रम में सफल बच्चों को पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन 23 मार्च हमारे देश के आजादी आंदोलन के गैर-समझौतावादी धारा के महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु का शहादत उपलक्ष्य पर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के तरफ से प्रतियोगिता सांस्कृतिक कार्यक्रम डैम रोड स्थित मध्य विद्यालय समीप मैदान में सह पुरस्कार वितरण समारोह का कार्यक्रम रुचाप पंचायत भवन में संपन्न किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के कक्षा 6 से 9वीं तक के बच्चों के बीच आयोजित समान्य अध्यन, गायन व दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया ।
शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू के चित्र पट पर मल्यार्पण के पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथी सोनी सेन गुप्ता ने कहा कि भगत सिंह के कहा की उनके जीवन शैली से संघर्ष की प्रेरणा आज भी मिलता है। उन्होंने बच्चों से अपील किया कि सही शिक्षा से लेस होना पड़े़गा , तभी हमलोग भगत सिंह के सपनों को पुरा कर पाएंगे। शहीद भगत सिंह हमारे बीच नही है लेकिन उनका विचार आज भी जिंदा है । हमें इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करके भगत सिंह के विचार को छात्रों- नौजवानो के बीच ले जाने की जरूरत है।
रांची विश्वविद्यालय के शोधार्थी व समाजसेवी अनंत कुमार महतो ने कहा कि भगत सिंह और उनके साथियों ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था, जहां शोषण न हो, इंसान की पहचान धर्म-जाति से नहीं बल्कि इंसानियत से लोग की पहचान हो, हर व्यक्ति को रोटी, कपड़ा और मकान मिले ।लेकिन आजादी के बाद भी गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा, भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध समस्या मकड़जाल फंस हूये हैं। आज भी लोग मूलभूत सुविधा से वंचित हैं , मौलिक सुविधा सब के पास नहीं पहुंच पाई हैं। शासक वर्ग द्वारा भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के विचारों को दबाने और भुलाने की कोशिश की जा रही है। युवाओं को भटकाने के लिए भोगवादी संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्कूलों को बंद कर शराब दुकानों को खोला जा रहा है, अश्लील सिनेमा साहित्य, अग्रेसिव गेम्स और हिंसक वेब सीरीज को बढ़ावा देकर छात्रों के चारित्रिक गुणों को नष्ट कर हिंसक और असंवेदनशील बनाया जा रहा है। इसीलिए आज जरूरत है इन साजिशों को बेनकाब करने की साथ ही भगत सिंह के विचारों को अपनाने की जरूरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विशेश्वर महतो और संचालन युधिष्ठिर प्रामाणिक ने किया ।

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रभात कुमार महतो, खुशी पोद्दार, राजा प्रमाणिक, खुशबू कुमारी, रोहित प्रामाणिक, राधि प्रामाणिक, प्रभात कुमार महतो जिला उपाध्यक्ष।

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