श्रमिकों का विशाल धरना-प्रदर्शन, 14 सूत्री मांगपत्र पर 23 जून को होगी

श्रमिकों का विशाल धरना-प्रदर्शन, 14 सूत्री मांगपत्र पर 23 जून को होगी।





चांडिल, Galaxy Exports Pvt. Ltd. के समक्ष ग्रामीणों एवं श्रमिकों का विशाल धरना-प्रदर्शन, 14 सूत्री मांगपत्र पर 23 जून को होगी वार्ता भूंईयाडीह टोला, करनीडीह स्थित Galaxy Exports Private Limited के समक्ष आज स्थानीय ग्रामीणों, विस्थापित परिवारों, श्रमिकों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा एक विशाल एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना का मुख्य उद्देश्य कंपनी में श्रमिक सुरक्षा, औद्योगिक दुर्घटनाओं की जवाबदेही, स्थानीय लोगों को रोजगार, प्रदूषण नियंत्रण एवं कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े मुद्दों पर प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करना था।
धरना के दौरान ग्रामीणों एवं श्रमिकों ने सर्वसम्मति से 14 सूत्री मांगपत्र कंपनी प्रबंधन के पास रखा । मांगपत्र में विशेष रूप से दिनांक 16 जून 2026 को कंपनी में हुए बॉयलर/भट्ठी विस्फोट की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई। ग्रामीणों ने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन तथा संभावित लापरवाही की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।ग्रामीणों ने मांग की कि विस्फोट अथवा किसी भी औद्योगिक दुर्घटना में घायल या प्रभावित श्रमिकों को कंपनी द्वारा समुचित मुआवजा, निःशुल्क चिकित्सा सुविधा एवं पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। गंभीर रूप से घायल श्रमिकों के पूर्ण स्वस्थ होने तक उनका वेतन नियमित रूप से दिया जाए तथा उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित न होने दी जाए।मांगपत्र में यह भी कहा गया कि कंपनी में संचालित बॉयलर, भट्ठी एवं अन्य मशीनों की समय-समय पर भारतीय बॉयलर अधिनियम, फैक्ट्री अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत सक्षम सरकारी एजेंसियों द्वारा सुरक्षा जांच कराई जाए और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

श्रमिकों ने न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुरूप सभी स्थानीय एवं बाहरी श्रमिकों को निर्धारित नई दरों पर मजदूरी भुगतान करने की मांग रखी। साथ ही सभी पात्र कर्मचारियों को ईएसआई, पीएफ, बोनस तथा अन्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।धरना में शामिल लोगों ने कहा कि कंपनी में कार्यरत श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण (हेलमेट, मास्क, दस्ताने, जूते आदि) उपलब्ध कराए जाएं तथा समय-समय पर सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जाए, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।ग्रामीणों ने कंपनी से निकलने वाले धुएं, धूलकण, राख एवं अन्य प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग करते हुए कहा कि पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन किया जाए। प्रदूषण के कारण आसपास की बस्तियों, खेती एवं लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों ने कंपनी से अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत आसपास के गांवों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास में योगदान देने की मांग की। साथ ही ग्रामीणों एवं श्रमिकों के लिए प्राथमिक चिकित्सा केंद्र तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई।धरना में स्थानीय नियोजन नीति को प्रमुखता से उठाते हुए मांग की गई कि झारखंड सरकार की स्थानीय नियोजन नीति के अनुरूप कंपनी में कम से कम 75 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवाओं को दिया जाए। स्थानीय नियोजन की सूची सार्वजनिक की जाए तथा नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि किसी भी औद्योगिक दुर्घटना, आपातकालीन बीमारी अथवा अन्य संकट की स्थिति में कंपनी द्वारा 24×7 एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त सभी श्रमिकों का वेतन प्रत्येक माह की 10 तारीख तक अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाए।

मांगपत्र में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 तथा अन्य लागू श्रम कानूनों के अनुसार सभी पात्र श्रमिकों एवं कर्मचारियों को प्रतिवर्ष निर्धारित दर से बोनस दिया जाए तथा बोनस भुगतान की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और समयबद्ध हो।धरना के दौरान कंपनी के जीएम श्री सुशील वर्मा ने कंपनी की आधिकारिक मोहर सहित लिखित रूप से आश्वासन दिया कि उपरोक्त मांगों पर कंपनी मालिक एवं प्रबंधन के साथ दिनांक 23 जून 2026 को शाम लगभग 4:00 बजे विस्तृत वार्ता आयोजित की जाएगी। इस लिखित आश्वासन के बाद उपस्थित ग्रामीणों एवं श्रमिकों ने सर्वसम्मति से आज के धरना-प्रदर्शन को स्थगित करने का निर्णय लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि आगामी वार्ता में यदि मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक एवं ठोस पहल नहीं होती है, तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।इस अवसर पर विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो, कालिंदी समाज के अध्यक्ष कृष्ण कालिंदी, महिला नेत्री पार्वती किस्कू, जिला परिषद प्रतिनिधि ओम लायक, ग्राम प्रधान बहादुर जी, राजेश कालिंदी, राम कालिंदी, जया कालिंदी, राजेन कालिंदी, पगला कालिंदी, जीतू कालिंदी सहित सैकड़ों महिला, पुरुष, युवा, श्रमिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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