सोमवार को गैलेक्सी फैक्ट्री प्रबंधक और श्रमिक,ग्रामीण के बीच बैठक हुई।

सोमवार को गैलेक्सी फैक्ट्री प्रबंधक और श्रमिक,ग्रामीण के बीच बैठक हुई।












चांडिल,सरायकेला खरसावां जिला के चांडिल अनुमंडल में स्थित फैक्ट्री में हुई घटना के बाद,ग्रामीणों ने भुईयाडीह में गैलेक्सी कंपनी के मुख्य गेट को   जाम कियाय। ग्रामीण श्रमिक ने कहा की मांगे पूरी न होने तक ,हमलोग का आंदोलन  जारी रहेगा, हाल ही में कंपनी में ब्लास्ट हुई जिसमें कंपनी के कई मजदूर घायल हो गए थे ,जो कुछ जिन्दगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।श्रमिक सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण, स्थानीय रोजगार एवं सामाजिक दायित्वों से संबंधित मांगों के संबंध में कंपनी  के प्रबंधक समक्ष रखा गया ।य आयोजित धरना-प्रदर्शन के माध्यम से समस्त ग्रामवासियों एवं श्रमिकों द्वारा मांगें प्रस्तुत की गईं। जब तक इन मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक कंपनी संचालन का विरोध जारी रहेगा।
प्रमुख मांगे  गत 16 जून 2026 को कंपनी में हुए बॉयलर/भट्ठी विस्फोट की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
 विस्फोट में घायल अथवा कथित मृत व्यक्तियों के आश्रितों को उचित मुआवजा, निःशुल्क उपचार एवं पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। घायल श्रमिकों के पूर्ण स्वस्थ होने तक उनका नियमित वेतन जारी रखा जाए।भविष्य में किसी भी औद्योगिक दुर्घटना की स्थिति में प्रभावित श्रमिकों को उपचार, मुआवजा एवं वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाजा भारतीय बॉयलर अधिनियम, फैक्ट्री अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक श्रम कानूनों के अनुरूप भट्ठी/बॉयलर एवं अन्य संयंत्रों की निर्धारित अवधि पर सक्षम सरकारी अथवा अधिकृत निरीक्षण एजेंसियों द्वारा जांच कराई जाए।
 सभी स्थानीय एवं बाहरी श्रमिकों को न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार निर्धारित मजदूरी का भुगतान किया जाए।
 सभी पात्र कर्मियों को ईएसआई (ESI), पीएफ (EPF) तथा अन्य वैधानिक सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण (Safety Tools/PPE) उपलब्ध कराए जाएं तथा उनके उपयोग का नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
कंपनी द्वारा उत्पन्न धुआं, धूल, वायु एवं अन्य प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए तथा पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।
कंपनी के CSR (Corporate Social Responsibility) फंड से आसपास की बस्तियों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, बिजली एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।
 स्थानीय ग्रामीणों एवं श्रमिकों के लिए प्राथमिक चिकित्सा एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
 झारखंड सरकार की स्थानीय नियोजन नीति के अनुरूप 75% स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान किया जाए।
 बस्ती में किसी भी दुर्घटना, आपातकालीन बीमारी अथवा औद्योगिक आपदा की स्थिति में 24×7 एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाजा सभी श्रमिकों का वेतन प्रत्येक माह की 10 तारीख तक अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाए।
भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 (Payment of Bonus Act, 1965) एवं अन्य लागू श्रम कानूनों के प्रावधानों के अनुसार सभी पात्र श्रमिकों एवं कर्मचारियों को प्रतिवर्ष निर्धारित दर से बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। बोनस का भुगतान समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से किया जाए।उपर्युक्त मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कर श्रमिकों एवं ग्रामीणों के हितों की रक्षा करें, जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी कंपनी का संचालन तब तक बंद रखा जाय।
समस्त ग्रामवासी एवं श्रमिक गण।

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