अखिल भारतीय किसान सभा का 90 वां स्थापना दिवस राहें सोनाहातु में मनाया गया,

अखिल भारतीय किसान सभा का 90 वां स्थापना दिवस राहें सोनाहातु में मनाया गया।



चांडिल, राहे,सोनाहातु के दर्जन गांवों में अखिल भारतीय किसान सभा का 90 वां स्थापना दिवस मनाया गया, किसानों के फसलों के लिए एम् एस पी की कानूनी गारंटी सहित किसान मुद्दों पर आन्दोलन का लिया गया शपथ । अखिल भारतीय किसान के स्थापना के गौरवशाली संघर्षों का 90 वर्ष यादगार - सुफल महतो अखिल भारतीय किसान सभा के 90 वां स्थापना दिवस के अवसर पर राहे,सोनाहातु,ठूगरुडीह,बासाहातु,कटयाडीह महेशपुर,पुरनानगगर,नुरू,पारमडीह, सिरीडीह,इचाहातु,कंताटोला, बरवाडीह सहित दर्जनों गांवों में किसान सभा का झंडोत्तोलन कर 90 वा स्थापना दिवस सम्मान पूर्वक मनाया गया, एवं किसानों के फसलों के लिए एम् एस पी की कानूनी गारंटी सहित किसान मुद्दों पर आन्दोलन का शपथ लिया गया।किसान सभा का 90 वा स्थापना दिवस जिन्दाबाद, एम् एस पी की कानूनी गारंटी कयो नही - ज़बाब दो, लगातार बढ़ती किसान आत्महत्या क्यों - ज़बाब दो,बिज और बिजली विधेयक नहीं चलेगा, मनरेगा का खात्मा नहीं चलेगा , किसान विरोधी भारत - अमेरिका व्यापार समझौता नहीं चलेगा,4 लेबर कोड नहीं चलेगा , किसान आन्दोलन के शहीदों अमर रहे आदि नारे लग रहे थे।
मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सह अखिल भारतीय किसान सभा के केन्द्रीय कमिटी सदस्य सुफल महतो ने अखिल भारतीय किसान सभा के स्थापना 1936 से अबतक के किसान संघर्षों के गौरवशाली 90 वर्ष पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए कहा अखिल भारतीय किसान सभा भारतीय किसानों का कयुर संघर्ष,पुनापरा वायालार किसान आन्दोलन, आजादी के संघर्षों से किसान नेताओं की कठोर जेल यातनाएं, काला-पानी की सजा,सबसे बड़ा संगठन है, बिहार - झारखंड का भूमि किसान आन्दोलन, तेलंगाना का सशस्त्र किसान आन्दोलन, बंगाल का तेभागा आन्दोलन, महाराष्ट्र का वर्ली किसान,तीन कृषि कानून के खिलाफ 13 माह चली किसान आन्दोलन 750 किसानों की शहादत, वर्तमान में बीज और बिजली विधेयक,4 लेबर कोड, किसान विरोधी भारत - अमेरिका व्यापार समझौता, मनरेगा का खात्मा , हाथियों के आतंक आदि किसान मुद्दों पर किसान आन्दोलन यादगार है। भारतीय किसानों के लिए अखिल भारतीय किसान सभा सदैव संघर्ष के मैदान में रही है। किसान विरोधी भारत - अमेरिका व्यापार समझौता देश के किसानों पर सबसे बड़ा हमला है।इस अवसर पर झारखंड राज्य किसान कौंसिल सदस्य बिसमबर महतो, जयपाल सिंह मुंडा, रतन महतो, महिला नेत्री रंगोवती देवी,जिला किसान कोंसिल सदस्य शोभाराम महतो, पांडू राम मुंडा,अंचल कौंसिल सदस्य खुदीराम महतो, जगन्नाथ मुंडा,सोमा मुंडा,पूरनी देवी, सरूवाला देवी,करमी देवी,सरयू मनी देवी,कमला देवी,रजनी देवी,टलो देवी, बिमला देवी,बासंती देवी, गीता देवी,सरला देवी, दशमी देवी,बाला देवी,रपनी देवी,करमी देवी, घासी राम मुंडा,नरेश महतो, अजमबर मुंडा,चुनू मुंडा,धनसिह मुंडा,बलराम महतो,लखन हजाम ,खांइटू हजाम,झाबरा हजाम, लक्ष्मण महतो,हारालाल महतो,सालू देवी, बलराम पातर, श्रावण मुंडा, रामसिंह लोहरा, गोबिंद मुंडा,मालू मुंडा,फकुत मुंडा सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित थे।


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