फुटबॉल मैदान आदित्यपुर में आम महोत्सव का हुआ शुभारंभ,

फुटबॉल मैदान आदित्यपुर में आम  महोत्सव  का हुआ शुभारंभ।
जिले में 6,000 किसान आम उत्पादन से जुड़े- उप विकास आयुक्त।
चांडिल,फुटबॉल मैदान आदित्यपुर में दो दिवासीय उलि बगीचा पर्व-2026 (आम महोत्सव) का हुआ शुभारंभ, बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े आम उत्पादकों को मिला विपणन मंच।
बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से बागवानी आधारित आजीविका को बढ़ावा, जिले में 6,000 किसान आम उत्पादन से जुड़े- उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां।
कृषि विविधीकरण अपनाकर किसान बढ़ाएं आय के स्रोत, बागवानी को मिले प्राथमिकता : माननीया सांसद, सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र।
सरायकेला-खरसावाँ, 20 जून 2026 : जिला प्रशासन, सरायकेला-खरसावाँ द्वारा आदित्यपुर फुटबॉल मैदान में आयोजित दो दिवसीय उलि बगाइचा परब-2026 (आम महोत्सव) का आज शुभारंभ किया गया। 20 एवं 21 जून तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव का उद्देश्य बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत विकसित आम बागानों से उत्पादित आमों के विपणन को प्रोत्साहित करना, आम उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराना, जिले में उत्पादित आम की विभिन्न किस्मों का प्रचार-प्रसार करना तथा किसानों को खरीदारों एवं व्यापारिक अवसरों से जोड़ना है।

महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीया सांसद सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र श्रीमती जोबा मांझी, जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हसदा एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों के द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं जिले में उत्पादित आम भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

स्वागत संबोधन में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को बागवानी आधारित आजीविका से जोड़ते हुए उनकी आय में वृद्धि करना, अनुपयोगी भूमि का उत्पादक उपयोग सुनिश्चित करना तथा किसानों के लिए आय के स्थायी स्रोत विकसित करना है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत स्थापित आम बागानों का सकारात्मक प्रभाव जिले में देखने को मिल रहा है तथा बड़ी संख्या में किसान बागवानी के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 6,000 किसान आम बागवानी से जुड़े हुए हैं तथा इस वर्ष 4,000 क्विंटल से अधिक आम का उत्पादन हुआ है। किसानों की उपज के विपणन हेतु जिले के विभिन्न स्थानों पर बिक्री केंद्र एवं स्टॉल स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव किसानों को बाजार से जोड़ने तथा जिले में उत्पादित आमों को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा ने कहा कि किसान समूहों, एफपीओ एवं स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी से कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों, सामूहिक विपणन एवं मूल्य संवर्धन गतिविधियों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी तथा बाजार तक पहुंच और सुदृढ़ होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीया सांसद, सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र, श्रीमती जोबा मांझी ने कहा कि आम महोत्सव किसानों के परिश्रम एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से किसानों को बागवानी आधारित आजीविका के नए अवसर प्राप्त हुए हैं तथा जिले में आम उत्पादन को नई पहचान मिली है।
उन्होंने किसानों को आम के साथ-साथ केला, अमरूद, लीची, अदरक, हल्दी एवं अन्य बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा देने की सलाह देते हुए कहा कि कृषि विविधीकरण किसानों की आय वृद्धि का प्रभावी माध्यम है। उपलब्ध भूमि एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग कर किसान वर्षभर कृषि एवं बागवानी गतिविधियों से जुड़े रह सकते हैं, जिससे आय के अतिरिक्त अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय वृद्धि एवं कृषि विकास के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी उत्पादन क्षमता एवं आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ बना सकते हैं। किसान देश के अन्नदाता हैं तथा उनके परिश्रम से ही खाद्यान्न, फल एवं सब्जियां लोगों तक पहुंचती हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा विभिन्न प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर आम की विभिन्न किस्मों, उत्पादन पद्धतियों, विपणन व्यवस्था, उत्पादों की गुणवत्ता तथा बागानों के रखरखाव संबंधी जानकारी प्राप्त की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
महोत्सव में आम की विभिन्न प्रमुख किस्मों, विशेषकर आम्रपाली, हिमसागर एवं मालदा का प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त आम आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों की प्रदर्शनी, किसान-खरीदार संवाद, एफपीओ सहभागिता तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अंत में आम विपणन एवं बिक्री के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सरायकेला एफपीओ को सम्मानित किया गया। वहीं बागवानी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं आम महोत्सव में उत्कृष्ट सहभागिता के लिए विभिन्न किसान समूहों, समितियों एवं एफपीओ को भी सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय उलि बगाइचा परब-2026 (आम महोत्सव) में जिले के विभिन्न प्रखंडों के आम उत्पादक, किसान समूह, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह, उद्यमी एवं आमजन सहभागिता कर रहे हैं। महोत्सव के दूसरे दिन भी आम प्रदर्शनी, किसान-खरीदार संवाद, उत्पाद प्रदर्शन एवं विपणन गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), जेएसएलपीएस, मनरेगा से जुड़े विभिन्न पदाधिकारी एवं कर्मी, किसान समूहों के प्रतिनिधि, एफपीओ सदस्य तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
 य

Post a Comment

0 Comments

close