काठजोड़ से कदमझोड़ तक पथ के सुदृढ़ीकरण कार्य में अनियमितता की शिकायतों पर विभाग हरकत में आयी।

काठजोड़ से कदमझोड़ तक पथ के सुदृढ़ीकरण कार्य में अनियमितता की शिकायतों पर विभाग हरकत में आयी।

चांडिल,मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत काठजोड़ से कदमझोड़ तक 5.92 किमी पथ के सुदृढ़ीकरण कार्य में अनियमितता की शिकायतों के पर विभाग हरकत में आयी।

सरायकेला-खरसावां जिला के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत दलमा की तराई में बसे बहुल आदिवासी गांव वही  मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना काठजोर से कदमझोर तक पथ का सुदृढ़ीकरण कार्य (ल 5.92 कि. मी.) का कार्य जिला पथ निर्माण विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क पर ग्रामीण ने   अनियमितता बात सामने आई है। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर घटिया निर्माण और मजदूरों के शोषण का भी आरोप लगाया है।
गांव वालों ने बताया की सड़क निर्माण M/S MAHTO AMIT KUMAR CO, STRUBIO द्वारा किया जा रहा है। पिछले एक वर्ष से चल रहे काम में कई खामियां देखी गई हैं। एक तरफ सड़क बन रही है तो दूसरी तरफ उखड़ भी रही है। कई जगहों पर कालभेट लगाए गए हैं लेकिन प्लास्टर नहीं किया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पीसीसी ढलाई में गिट्टी, बालू, डस्ट और सीमेंट का अनुपात सही नहीं रखा जा रहा। कहीं 4 इंच तो कहीं 5 इंच की ढलाई की जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा आरोप मजदूरी को लेकर है। सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी दर 446 रुपये है, लेकिन ठेकेदार द्वारा स्थानीय मजदूरों को सिर्फ 200 रुपये दिए जा रहे हैं। साथ ही चाईबासा से बाहर के मजदूर और मिस्त्री लाकर काम कराया जा रहा है।
इसको लेकर जनोडीह गांव के आदिवासी ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने गांव में एकजुट होकर मीडिया से बात की और विरोध जताया। 
 "2004 के बाद 22 साल बाद हमारे गांव में सड़क बन रही है। हम चाहते हैं कि गुणवत्ता वाली मजबूत सड़क बने। ठेकेदार अनियमितता कर रहा है, कम मजदूरी दे रहा है। हम इसकी शिकायत चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी और ईचागढ़ विधायक को करेंगे। काम बंद नहीं होगा, लेकिन गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।"

ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में मजबूत और टिकाऊ सड़क बन सके।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत काठजोर से कदमझोर तक 5.92 किमी पथ के सुदृढ़ीकरण कार्य में अनियमितता की शिकायतों के बाद विभाग हरकत में आया है। इस संबंध में फोन पर पूछे जाने पर संबंधित जेई  दिनेश कुमार ने कहा कि ठेकेदार द्वारा कार्य में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। जो कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, उसे पूर्ण कराना अनिवार्य होगा।
ग्रामीणों ने पहले भी सड़क निर्माण में घटिया सामग्री और कम मजदूरी दिए जाने का आरोप लगाया था।

Post a Comment

0 Comments

close