चांडिल बांध विस्थापितों की समस्याओं पर परिसदन भवन साकची में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न।
चांडिल बांध विस्थापितों की समस्याओं पर परिसदन भवन साकची में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, पुनर्वास, विकास एवं लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का आश्वासन
चांडिल, 15 जुलाई 2026।
चांडिल बहुउद्देशीय स्वर्णरेखा परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों की वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रीमती सुचित्रा सिन्हा, भा.प्र.से. (सेवानिवृत्त), विशेष प्रतिवेदक, झारखंड मानवाधिकार आयोग ने की।
बैठक में स्वर्णरेखा परियोजना, आदित्यपुर के प्रशासक, अपर निदेशक भू अर्जन एवं पुनर्वास आदित्यपुर जमशेदपुर ,विशेष भू-अर्जन एवं पुनर्वास विभाग के पदाधिकारी, पुनर्वास पदाधिकारी संख्या-2 चांडिल, कार्यपालक अभियंता शिविर एवं केंद्रीय भंडार चांडिल, मुख्य अभियंता कार्यालय के पदाधिकारी, खनन पदाधिकारी सरायकेला खरसावां सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन के संबंधित पदाधिकारी, चांडिल अनुमंडल प्रशासन, तथा परियोजना से जुड़े अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही चांडिल बांध विस्थापित एवं विभिन्न विस्थापित संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
बैठक के दौरान चांडिल बहुउद्देशीय परियोजना से प्रभावित 116 विस्थापित गांवों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखा गया। विस्थापितों की ओर से विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने विभिन्न विभागों से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए पुनर्वास, मुआवजा, विकास पुस्तिका, प्लॉट आवंटन, पुनर्वास स्थलों की समस्याएँ, भूमि का स्वामित्व (पट्टा), म्यूटेशन, सरकारी योजनाओं का लाभ, स्वरोजगार, खनन में स्थानीय विस्थापितों की भागीदारी तथा अन्य लंबित मामलों पर विस्तार से अपना पक्ष रखा।
बैठक में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि चांडिल बांध विस्थापितों की अनेक समस्याएँ वर्षों से लंबित हैं, जिनका समयबद्ध समाधान आवश्यक है। विशेष रूप से पुनर्वास स्थलों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, लंबित मुआवजा भुगतान, विकास पुस्तिका से संबंधित मामलों का निस्तारण, पुनर्वास स्थलों में प्लॉट आवंटन, भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान तथा पात्र विस्थापितों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर गंभीर चर्चा हुई।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने विस्थापितों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, पुनर्वास स्थलों में विकास कार्यों को गति देने, मुआवजा संबंधी लंबित मामलों के समाधान तथा विस्थापितों के वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
विशेष प्रतिवेदक श्रीमती सुचित्रा सिन्हा ने भी सभी संबंधित विभागों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए विस्थापित परिवारों की समस्याओं का विधिसम्मत एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्वास केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक जीवन, भूमि संबंधी अधिकार, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सभी सरकारी सुविधाओं का समान अवसर मिलना चाहिए।
बैठक में यह भी सहमति व्यक्त की गई कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी तथा लंबे समय से लंबित मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन ने बैठक आयोजित करने तथा विस्थापितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के लिए झारखंड मानवाधिकार आयोग एवं उपस्थित सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया तथा आशा व्यक्त की कि बैठक में हुई चर्चा के अनुरूप शीघ्र ही धरातल पर सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे, जिससे चांडिल बांध विस्थापित परिवारों को न्याय एवं उनके अधिकार प्राप्त हो सकेंगे।

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