प्रकृति, परंपरा और समृद्धि की कामना के साथ रामगढ़ में संपन्न हुई आसाड़ी पूजा।

प्रकृति, परंपरा और समृद्धि की कामना के साथ रामगढ़ में संपन्न हुई आसाड़ी पूजा।

चांडिल: चांडिल प्रखंड अंतर्गत रामगढ़ गांव में संथाल समुदाय की पारंपरिक एवं आस्था का प्रमुख पर्व आसाड़ी पूजा श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर गांव के जाहेर स्थल में सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर अच्छी वर्षा, बेहतर फसल, गांव की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की गई।
पूजा का नेतृत्व नायके बाबा मंगल बेसरा ने किया, जबकि माझी बाबा बाबूलाल सोरेन एवं प्राणिक बाबा बद्रीनाथ मार्डी ने पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों का निर्वहन किया। पूजा के दौरान प्रकृति, जल, जंगल, जमीन और ग्राम देवताओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए समुदाय की खुशहाली एवं कृषि कार्यों की सफलता के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर समाजसेवी डॉ० सत्य नारायण मुर्मू, हरेंद्र माझी, विकाश मुर्मू, बाबूराम टुडू, गोराचंद बेसरा, बोलू मांझी,कलीराम मुर्मू, आनंद मार्डी, पीताम्बर टुडू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। डॉ० सत्य नारायण मुर्मू ने कहा कि आसाड़ी पूजा संथाल समाज की सांस्कृतिक पहचान, प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व नई कृषि ऋतु के शुभारंभ का संदेश देता है तथा समाज को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की प्रेरणा प्रदान करता है।
पूजा के उपरांत उपस्थित लोगों ने गांव की उन्नति, सामाजिक सौहार्द और आने वाली पीढ़ियों तक आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।

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